आरसेटी हनुमानगढ़ में कैंडल मेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

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– 30 प्रतिभागियों ने सीखी आत्मनिर्भरता की राह, निदेशक बिंदु शंकर ने किया उत्साहवर्धन
हनुमानगढ़। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित तथा भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रायोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्था (आरसेटी) हनुमानगढ़ में मंगलवार को कैंडल मेकिंग (मोमबत्ती निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के निदेशक बिंदु शंकर ने अध्यक्षता करते हुए प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह 12 दिवसीय प्रशिक्षण चला, जिसमें कुल 30 महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षक शिव अग्रवाल के निर्देशन में प्रतिभागियों को मोमबत्ती निर्माण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार की सजावटी, सुगंधित और डिजाइनर मोमबत्तियाँ बनाने के साथ-साथ पैकेजिंग, मार्केटिंग और व्यवसाय प्रबंधन के गुर भी सिखाए गए।
कार्यक्रम का मूल्यांकन ईडीपी एस्सेसर भंवरलाल स्वामी द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी प्रशिक्षुओं की कार्यकुशलता और सीखने की लगन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में मजबूत बनाते हैं। उन्होंने बताया कि अब प्रशिक्षु अपने स्वयं के लघु उद्योग स्थापित कर सकते हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
संस्था के निदेशक बिंदु शंकर ने समापन अवसर पर कहा कि आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रशिक्षित करना है ताकि वे रोजगार की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार सृजक बन सकें। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखे गए कौशलों का उपयोग करते हुए आत्मनिर्भर बनें और समाज में प्रेरणा का स्रोत बनें। उन्होंने आगे कहा कि कैंडल मेकिंग एक लाभकारी लघु उद्योग है, जो कम पूंजी में आरंभ किया जा सकता है। दीपावली, क्रिसमस और शादी समारोह जैसे अवसरों पर इसकी मांग अधिक रहती है, जिससे यह स्थायी व्यवसाय के रूप में अपनाया जा सकता है। उन्होने बताया कि सभी प्रशिक्षणार्थियों को व्यवसाय आरम्भ करने के लिए बैंक से ऋण की सुविधा मुहैया करवाने के लिए आरसेटभ् प्रयास करेगा।

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