ग्रीन दीपावली महोत्सव में बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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– गमलों में लगाए हरे-भरे पौधे, निर्णायकों ने सराहे प्रयास कृ पटाखों की जगह हरियाली से मनाएं त्यौहार का आह्वान
हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित सरस्वती बाल निकेतन स्कूल में शनिवार को ग्रीन दीपावली महोत्सव का आयोजन उत्साह और रचनात्मकता के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पारंपरिक दीपावली को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने का अनूठा संदेश दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने अपने हाथों से गमलों को सजाकर उनमें विभिन्न प्रकार के हरे-भरे पौधे लगाए। इन सुंदर गमलों की सजावट और पौधारोपण के माध्यम से विद्यार्थियों ने “हरित दीपावली” की थीम को साकार किया।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में निवर्तमान सभापति सुमित रणवा, विद्यालय निदेशक भारत भूषण कौशिक, तनवी रणवां उपस्थित रहे। तीनों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए पौधों और गमलों की सजावट का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, लगन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की खुलकर सराहना की।
निवर्तमान सभापति सुमित रणवा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली का पर्व खुशियों और रोशनी का प्रतीक है, लेकिन अत्यधिक शोर और धुएं वाले पटाखों के कारण पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा लगाए गए पौधे ही भविष्य में पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रणवा ने सभी बच्चों से अपील की कि वे इस दीपावली पर पटाखों की जगह पौधों और दीयों से हरियाली एवं स्वच्छता को बढ़ावा दें।
विद्यालय निदेशक भारत भूषण कौशिक ने कहा कि ग्रीन दीपावली जैसे आयोजन बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। आज की युवा पीढ़ी ही आने वाले कल की दिशा तय करेगी, इसलिए बचपन से ही हरित सोच और स्वच्छ आदतों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों के इस अनूठे प्रयास को प्रेरणादायक बताया।

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