-चार लेबर कोड रद्द करने व एमएसपी लागू करने की उठी मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। भारी बारिश और जलभराव की स्थिति के बावजूद बुधवार को भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के बैनर तले मजदूरों, किसानों व श्रमिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। निर्धारित स्थल जिला कलेक्ट्री परिसर में जलभराव होने के कारण प्रदर्शन को पुरानी कलेक्ट्रेट के सामने स्थानांतरित किया गया, जहां भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों व चार श्रम संहिताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
सीटू पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजते हुए मांग की कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए चारों लेबर कोड को तत्काल रद्द किया जाए। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के साथ किए गए एमएसपी संबंधी लिखित समझौते को लागू किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि लेबर कोड केवल कॉरपोरेट घरानों के हित में बनाए गए हैं और ये मजदूरों के अधिकारों को समाप्त करने की दिशा में एक खतरनाक कदम हैं।
सीटू नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानूनों के तहत काम के घंटे बढ़ाकर 12-14 घंटे तक करने की अनुमति दी गई है, ओवरटाइम की सीमा 50 से बढ़ाकर 125 घंटे की गई है, और वेतन भुगतान में भी मनमाने बदलाव किए गए हैं। इससे मजदूर वर्ग का शोषण और भी बढ़ेगा। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले 10 वर्षों से केन्द्र सरकार ने श्रमिक संगठनों से कोई वार्ता नहीं की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार श्रमिक हितों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
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