Amul Dahi क्वालिटी टेस्ट में फेल, मिले कोलिफॉर्म बैक्टीरिया, जानें सेहत के लिए कितना है खतरनाक?

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हाल ही में अमूल के लोकप्रिय प्रोडक्ट मस्ती दही (Amul Dahi) को लेकर एक लैब टेस्टिंग रिपोर्ट सामने आने के बाद उपभोक्ताओं के बीच चिंता देखी जा रही है। यह रिपोर्ट एक यूट्यूबर और स्वतंत्र फूड-टेस्टिंग प्लेटफॉर्म Trustified की ओर से जारी की गई, जिसमें बाजार से खरीदे गए अमूल मस्ती दही (प्लास्टिक पाउच पैकेजिंग) के सैंपल को लैब में जांच के लिए भेजा गया था।

रिपोर्ट में दावा किया गया कि दही में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया तय मानक से करीब 2100 गुना अधिक पाए गए, जबकि यीस्ट और मोल्ड की मात्रा भी निर्धारित सीमा से लगभग 60 गुना ज्यादा बताई गई। फूड सेफ्टी के लिहाज से ऐसे आंकड़े गंभीर माने जाते हैं।

क्या होते हैं कोलिफॉर्म बैक्टीरिया?
कोलिफॉर्म बैक्टीरिया आमतौर पर मल (फेकल मैटर) में पाए जाते हैं और खाद्य पदार्थों व पानी की जांच में इन्हें फेकल कंटामिनेशन के संकेतक के रूप में देखा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार दूध और दूध से बने उत्पादों में कोलिफॉर्म्स की टॉलरेबल लिमिट शून्य मानी जाती है। ऐसे में किसी डेयरी प्रोडक्ट में इनका पाया जाना संभावित स्वास्थ्य जोखिम की ओर इशारा करता है।

यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि दही का सेवन अक्सर बच्चे, बुज़ुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग करते हैं। ऐसे समूहों में ई.कोली जैसे बैक्टीरिया का संपर्क पेट की गंभीर समस्याओं से लेकर जानलेवा संक्रमण तक का कारण बन सकता है।

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पोषण संबंधी दावों पर भी उठे सवाल
Trustified के यूट्यूब वीडियो में यह भी दावा किया गया कि अमूल मस्ती दही के पाउच वेरिएंट में लेबल पर बताए गए पोषण मूल्यों से अधिक मात्रा पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, प्रति 100 ग्राम दही में 4.95 ग्राम प्रोटीन पाया गया, जबकि पैकेज पर 4 ग्राम का दावा किया गया था। इसी तरह फैट कंटेंट 3.51 ग्राम बताया गया, जबकि लेबल पर 3.1 ग्राम दर्ज था। वीडियो में यह भी कहा गया कि पाउच पैकेजिंग वाला दही कप वेरिएंट की तुलना में कम हाइजीनिक हो सकता है।

इन दावों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और चिंता बढ़ गई, खासकर इसलिए क्योंकि अमूल को देश की सबसे भरोसेमंद डेयरी ब्रांड्स में गिना जाता है।

अमूल का जवाब: आरोप भ्रामक
विवाद बढ़ने के बाद अमूल ने सोशल मीडिया के माध्यम से आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। कंपनी ने Trustified के दावों को मिसइनफॉर्मेशन करार देते हुए कहा कि अमूल मस्ती दही FSSAI के सभी मानकों और कंपनी के आंतरिक गुणवत्ता नियमों का पूरी तरह पालन करता है।

अमूल के अनुसार, मस्ती दही ISO-सर्टिफाइड डेयरी प्लांट्स में तैयार किया जाता है और बाजार में भेजे जाने से पहले 50 से अधिक गुणवत्ता जांच प्रक्रियाओं से गुजरता है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पाउच और कप—दोनों वेरिएंट्स में प्रोसेसिंग और हाइजीन से जुड़े सभी स्टेप्स समान होते हैं, पैकेजिंग का अंतर केवल उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए है, न कि क्वालिटी में किसी अंतर के कारण।

अमूल ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करें। कंपनी ने दोहराया कि उसके सभी उत्पाद उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किए जाते हैं और उपभोक्ता उन्हें निश्चिंत होकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

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