सहकारी समिति कर्मचारियों ने स्थगित की हड़ताल, शेष मांगों के समाधान हेतु बैंक प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

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– जंक्शन प्रजापति कुम्हार धर्मशाला में हुई बैठक के बाद हनुमानगढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक को सौंपा मांग पत्र
हनुमानगढ़। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की राज्यव्यापी आंदोलन की निर्णायक वार्ता सरकार से सकारात्मक सहमति मिलने के बाद सम्पन्न हुई। समिति ने 4 सूत्रीय मांग पत्र के समाधान के आश्वासन के चलते चल रहे अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को एक माह के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। इस बीच, हनुमानगढ़ जिला इकाई ने हनुमानगढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक को शेष मांगों के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने से पूर्व कर्मचारियों की एक बैठक हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित प्रजापति कुम्हार धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर से आए व्यवस्थापकों, सहायक व्यवस्थापकों, सेल्समैनों व अन्य सहकारी समिति कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में आंदोलन की ताजा स्थिति, राज्य स्तर पर सरकार से हुई वार्ता के बिंदुओं और जिला स्तर की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला इकाई ने बैंक प्रबंधन को सौंपे ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे पहले समितियों में व्यवसाय के लिए निर्धारित हाइपोथनिक लिमिट को वर्तमान 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की गई है। दूसरी मांग में सहकारी समिति के कार्मिकों के लिए स्टाफ लिमिट बनाने संबंधी सहमति पर तुरंत प्रभाव से आदेश जारी करने की बात कही गई है।
तीसरी मांग के अनुसार समितियों को प्राप्त ब्याज में से 50 प्रतिशत राशि समितियों के बचत खातों में डाली जाए तथा अवधिपार ब्याज वसूली के नाम पर कर्मचारियों को वेतन से वंचित न किया जाए। साथ ही, पिछले वर्षों में अवधिपार ब्याज के नाम से की गई वसूली की पुनर्गणना कर संबंधित राशि वापस लौटाने की मांग की गई।
चौथी मांग के तहत मिनी बैंक खाते से आहरण की दैनिक सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की बात कही गई है। पांचवीं मांग में असंतुलन में चल रही समितियों के कर्मचारियों के वेतन की स्थायी व्यवस्था की मांग की गई है।
जिला इकाई ने आरोप लगाया कि इन मांगों पर पूर्व में सहमति जताए जाने के बावजूद आज तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगों पर शीघ्र निस्तारण कर आदेश जारी नहीं किए गए तो वे बैंक के प्रधान कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की राज्य इकाई ने भी स्पष्ट किया है कि यदि सरकार द्वारा 4 सूत्रीय मांग पत्र पर एक माह के भीतर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो 7 नवंबर 2025 से पुनः अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा।
इस मौके पर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी आंदोलन की एकता बनाए रखते हुए मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर रमेश ढाका मुकेश बेनीवाल गिरधारी लाल प्रिंस कुमार सुरेंद्र भाटी दीप सिंह राजेंद्र सिंह भूपेंद्र सिंह राधेश्याम सुधीर विनोद कोकना गुरसेवक सिंह केवल कृष्ण राम प्रताप बेनीवाल राकेश महला प्रवीण मटोरिया संहिता सदस्य मौजूद थे।

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