दलित, आदिवासी, महिलाओं व अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों के विरोध में माकपा का प्रदर्शन

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-प्रधानमंत्री का पुतला फूंक केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज, कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा राज्यव्यापी आह्वान के तहत गुरुवार को जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों, तथा दलित, आदिवासी, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे बढ़ते अत्याचारों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लाल चौक से प्रधानमंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालते हुए कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद तहसीलदार मुख्य गेट पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।
राज्य सचिव मंडल सदस्य रामेश्वर वर्मा ने कहा कि राजस्थान सहित देशभर में दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार हैं। उन्होंने कहा कि श्रीविजयनगर में दलित बालिका के साथ दुष्कर्म, जोधपुर में दलित छात्र की अमानवीय पिटाई तथा डूंगरपुर में पुलिस थाने में आदिवासी युवक की पीट-पीटकर हत्या जैसी घटनाएं प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। वर्मा ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े पशुपालकों और किसानों पर भी लगातार हमले बढ़े हैं। भीलवाड़ा में मध्य प्रदेश के निर्दोष पशु व्यापारी आसिफ बाबू की हत्या और दक्षिण एवं पूर्वी राजस्थान में गौरक्षक व डकैतों द्वारा लूटपाट की घटनाएं राज्य सरकार की विफलता को उजागर करती हैं।
सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने धर्मांतरण विरोधी बिल को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा कि इस बिल के पारित होने के बाद राज्य के दस से अधिक जिलों में ईसाई समुदाय के पूजा स्थलों पर तोड़फोड़, मारपीट और लूट की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताया। आत्मा सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की राजनीति कर रही है।

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