हरियाणा में 19 साल की मनीषा की बेरहमी से हत्या, दरिंदों नें शरीर से अंग तक निकाले, देखिए VIDEO

बताया जा रहा है कि भिवानी में पोस्टमॉर्टम के दौरान यह सामने आया कि मनीषा के शरीर पर जो कपड़े थे, उन पर खून के धब्बे नहीं मिले हैं। सिर्फ गर्दन पर धारदार हथियार के निशान थे। शरीर पर बाकी कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। शरीर के कुछ अंग जानवरों द्वारा खाए हुए मिले।

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भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और हमारी न्यायपालिका व पुलिस प्रशासन अब भी गहरी नींद में सोए हुए हैं। हरियाणा के भिवानी (Haryana Manisha Murder) जिले की 19 साल की टीचर मनीषा की बेरहमी से हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है।

हत्या इतनी खौफनाक थी कि उसके शरीर से अंग तक निकाल लिए गए, गले पर वार के गहरे निशान साफ दिखे। सवाल यह है कि आखिर कब तक हमारी बेटियां इस तरह दरिंदों का शिकार बनती रहेंगी और कब तक पुलिस-न्यायपालिका सिर्फ़ फाइलों में कार्रवाई करती रहेगी?

मनीषा का शव खेतों में बरामद हुआ, परिवार इंसाफ़ के लिए सड़कों पर बैठा है, ग्रामीण सड़कें जाम कर चुके हैं और सरकार-प्रशासन अब भी आश्वासनों से आगे नहीं बढ़ रहा। यह केस सिर्फ एक लड़की की हत्या नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक सुस्ती और सिस्टम की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल है।

क्या है पूरा मामला?
टीचर मनीषा आख़िरी बार 11 अगस्त को स्कूल से निकली थी, जब वह एक नर्सिंग कॉलेज से एडमिशन के बारे में पूछने गई थी। लेकिन घर वापस नहीं लौट पाईं। उनका फोन भी बंद हो गया और रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचित किया। पर जैसे ही पिता संजय सिंह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने गए।

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पुलिस ने उनकी शिकायत गंभीरता से नहीं ली और कह दिया “शायद भाग गई है, दो दिन में लौट आएगी।” यही लापरवाही बाद में भारी साबित हुई। तीसरी तारीख यानी 13 अगस्त को, सिंघानी गांव के खेतों में उनका शव मिला, गले पर वार के निशान साफ दिख रहे थे। यह सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

बेरहमी से हुई टीचर मनीषा की हत्या
जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। जांच में सामने आया कि मनीषा की हत्या 11 अगस्त को ही की गई थी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. गोपाल शर्मा ने खुलासा किया कि शव डी-कंपोज अवस्था में था। गर्दन के हिस्से में स्किन और मसल्स के साथ हड्डियां तक गायब थीं।

आशंका है कि हत्या के बाद शव को खेतों में फेंक दिया गया और जानवरों ने उसे नोच डाला। प्राथमिक जांच में साफ हुआ है कि हत्या की गई जगह और शव मिलने की जगह अलग-अलग है। मनीषा को किसी अन्य स्थान पर मौत के घाट उतारा गया और फिर शव को खेतों में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इस बात ने जांच को और जटिल बना दिया है।

बताया जा रहा है कि भिवानी में पोस्टमॉर्टम के दौरान यह सामने आया कि मनीषा के शरीर पर जो कपड़े थे, उन पर खून के धब्बे नहीं मिले हैं। सिर्फ गर्दन पर धारदार हथियार के निशान थे। शरीर पर बाकी कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। शरीर के कुछ अंग जानवरों द्वारा खाए हुए मिले।

 

हरियाणा में 5वें दिन भी प्रदर्शन तेज
नीषा के परिजन 5वें दिन भी ढिगावां मंडी में धरने पर बैठे हैं। मनीषा की लाश भिवानी के ही सिविल अस्पताल में पड़ी है लेकिन परिजनों का कहना है कि कि जब तक कातिल नहीं पकड़े जाते, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं पुलिस को इस मर्डर केस में अब रोहतक PGI के डॉक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार है। भिवानी में मनीषा के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद 10 सैंपल जांच के लिए गए हैं। इस केस में PGI और मधुबन फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट अहम साबित हो सकती है।

PGI में 3 डॉक्टरों के पैनल ने दूसरी बार मनीषा के शव का पोस्टमॉर्टम किया। PGI एक्सपर्ट्स के पास मनीषा की जो बॉडी पहुंची, उसमें कई ऑर्गन नहीं थे। ये ऑर्गन भिवानी में मनीषा का पहला पोस्टमॉर्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड ने विसरा जांच के लिए निकाल लिए थे। इसलिए PGI के डॉक्टरों ने मनीषा के इंटरनल ऑर्गन पर भिवानी के डॉक्टरों की ओपिनियन रिपोर्ट और फॉरेंसिक (FSL) रिपोर्ट मांगी।

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इसके अलावा PGI के डॉक्टरों ने वे कपड़े भी मंगवाए हैं, जो डेडबॉडी मिलने के समय मनीषा के शरीर पर थे। PGI के मेडिकल एक्सपर्ट्स भिवानी से मिली ऑर्गन ओपिनियन रिपोर्ट के साथ अपनी ओपिनियन मिलाकर नई रिपोर्ट तैयार करेंगे। जो इस केस में काफी अहम साबित हो सकती है।

मेडिकल सूत्रों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम में ह्यूमन बॉडी के हार्ट, लंग्स, लिवर, किडनी, यूटरस वगैरह को एग्जामिन किया जाता है। इस केस में भिवानी के डॉक्टरों ने “वैजाइना का सैंपल” भी भेजा है। पहले पोस्टमॉर्टम में शारीरिक शोषण होने की पुष्टि नहीं हुई।

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