स्थगन आदेश के बावजूद कृषक की फसल में निकाला गया रास्ता

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– जण्डावाली ग्रामीण ने जिला कलक्टर से की तहसीलदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
हनुमानगढ़।
 तहसील हनुमानगढ़ के जण्डावाली निवासी एक कृषक ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार राजस्व हनुमानगढ़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। काश्तकार अंग्रेज सिंह का कहना है कि माननीय अपर जिला कलक्टर हनुमानगढ़ द्वारा पारित स्थगन आदेश के बावजूद उसकी खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाकर जबरन रास्ता निकाला गया, जो न्यायिक आदेशों की खुल्लमखुला अवहेलना है।
ज्ञापन के अनुसार,काश्तकार अंग्रेज सिंह की चक 3 जेडीडब्ल्यू में कुल 5.538 हैक्टेयर कृषि भूमि है, जो उसके नाम व मुश्तर्का खाता में दर्ज है। तहसीलदार ने 1 जुलाई 2025 को बिना पक्ष सुने उक्त भूमि के किला नम्बर 16 में तथाकथित रास्ता खोलने के आदेश पारित किए। इस पर प्रार्थी ने अपर जिला कलक्टर की अदालत में अपील प्रस्तुत की, जहां 14 जुलाई को पारित आदेश के तहत तहसीलदार के आदेश पर रोक लगाते हुए मौके की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार को उक्त स्थगन आदेश की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने मनमाने तरीके से खड़ी फसल को नष्ट कर किला नम्बर 16 में रास्ता बना दिया तथा इस संबंध में दैनिक डायरी भी तैयार कर ली। इससे पूर्व भी तहसीलदार द्वारा किला नम्बर 5, 6, 15, 25 में मिथ्या रूप से रास्ता चालू होने के आदेश दिए गए, जबकि मौके पर किला नम्बर 6 व 15 पूर्णतः काश्त भूमि है और कभी रास्ता नहीं चला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वह हरिजन वर्ग से है और कृषक पेशे से जुड़ा है। तहसीलदार ने न केवल फसल नष्ट की, बल्कि मौके पर धमकाते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। उन्होंने स्वयं को सबसे बड़ा अधिकारी बताते हुए अपर जिला कलक्टर के आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। काश्तकार अंग्रेज सिंह के अनुसार, जिन लोगों के लिए रास्ता निकाला गया है, उनके लिए पत्थर नम्बर 91/234 के किला नम्बर 20 व 21 से सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध है, परंतु तहसीलदार व संबंधित पक्षों की मिलीभगत से उसे ही नुकसान पहुँचाया जा रहा है।

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