एसटी प्रमाण-पत्र की मांग पर धाणका समाज का आंदोलन जारी

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*- धरने के 91वें दिन समाज ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को सौंपा ज्ञापन*
हनुमानगढ़। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण-पत्र जारी करवाने की मांग को लेकर धाणका समाज का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार को यह धरना अपने 91वें दिन में प्रवेश कर गया। समाज के लोग हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर डटे हुए हैं और प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें रोष व्याप्त है। इसी क्रम में रविवार को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने हनुमानगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों से अवगत कराया तथा शीघ्र समाधान की अपील की।
समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राजस्थान के अन्य जिलों की तरह हनुमानगढ़ जिले के धाणका समाज को भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि समाज के लोग वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं, परंतु प्रशासनिक स्तर पर उनकी फाइल लंबित पड़ी है और समाज के युवाओं को शिक्षा, नौकरी तथा अन्य सुविधाओं में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने समाजजनों की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांग पूरी तरह से न्यायोचित है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी समुदाय अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा।
धरनास्थल पर रविवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र हुए। पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मांग की कि हनुमानगढ़ जिले के धाणका समाज को भी एसटी प्रमाण-पत्र जारी कर समान अधिकार प्रदान किए जाएं। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती।
समाज के वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद प्रशासनिक तंत्र की चुप्पी यह दर्शाती है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा और अनिश्चित काल के लिए अनाज मंडिया बन्द करके राज्यभर में प्रदर्शन किए जाएंगे।
धरने के दौरान वक्ताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि धाणका समाज किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि अपने वैधानिक और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से उम्मीद जताई कि उनकी पहल से अब यह मामला गति पकड़ेगा और समाज को न्याय मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग दोहराई और कहा कि जब तक एसटी प्रमाण-पत्र जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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