किसानों की बैठक में फसल नुकसान और खरीद व्यवस्था पर चर्चा

205

– उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, समय पर खाद और एमएसपी पर खरीद की मांग
हनुमानगढ़। भारतीय किसान संघ हनुमानगढ़ की तहसील स्तरीय बैठक शुक्रवार को जांगिड़ धर्मशाला में तहसील अध्यक्ष गोपी राम बेनीवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसानों की मौजूदा समस्याओं, विशेषकर हाल ही में आई बारिश व प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से राहत और त्वरित समाधान की मांग उठाई।
बैठक के दौरान उपस्थित किसानों ने संयुक्त रूप से उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि किसानों को आगामी रवि की फसल के लिए यूरिया और डीएपी खाद उचित समय पर उपलब्ध करवाई जाए, ताकि बोवाई कार्य प्रभावित न हो। किसानों ने कहा कि कई बार खाद समय पर नहीं मिलने से फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी प्रकार नरमा और मूंग जैसी प्रमुख फसलों की एमएसपी पर प्रभावी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। किसानों ने कहा कि यदि सरकार द्वारा उचित दाम पर खरीद की गारंटी दी जाएगी, तो किसान अपनी उपज बेचने में सुरक्षित महसूस करेंगे और उन्हें बाजार की दलाली से राहत मिलेगी।
बैठक को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष गोपी राम बेनीवाल ने कहा कि किसान इस समय प्राकृतिक आपदा और महंगे कृषि खर्च के कारण गहरी परेशानी में हैं। ऐसे समय में सरकार का दायित्व है कि वह किसानों को राहत और सहयोग उपलब्ध कराए। उपाध्यक्ष भवानी राम सुथार ने कहा कि फसलों के नुकसान का उचित सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उप तहसील डबली अध्यक्ष सतपाल भाम्भू ने खाद और बीज की किल्लत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि कृषि इनपुट समय पर किसानों तक नहीं पहुंचे तो उत्पादन प्रभावित होगा। बैठक में बनवारी लाल जाखड़, कृष्ण बिस्सू, साहब राम गोदारा, मोहनलाल गोदारा, रामकुमार भोभिया और जगदेव सिंह ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि समय रहते किसानों की मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन व्यापक आंदोलन की राह भी अपना सकता है। किसानों ने एक स्वर में कहा कि सरकार को खेती को घाटे का सौदा बनने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।