– जिला कलक्टर व स्वास्थ्य विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव बताया
हनुमानगढ़। निदेशालय, समेकित बाल विकास सेवाएं, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत मनाए जा रहे अष्टम पोषण माह (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) का जिला स्तरीय समापन समारोह गुरुवार को न्यू सिविल लाइन्स सामुदायिक भवन में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलक्टर श्री खुशाल यादव, विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री नवनीत शर्मा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सुनीता शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर श्री खुशाल यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों की तंदुरुस्ती और स्वस्थ भविष्य की आधारशिला हैं। जिस प्रकार विद्यालयों में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, उसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कार्यरत कर्मी माता-पिता व शिक्षक के समान बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों पर बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उनके भविष्य की मजबूत नींव रखी जाती है। कलक्टर ने बच्चों के भविष्य को “पजल (पहेली)” की तरह बताया और कहा कि अभी यह कोई नहीं जानता कि कोई बच्चा भविष्य में डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर या कुछ और बनेगा — इसलिए प्रारंभिक आयु में सही पोषण और शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के तरीकों पर विशेष ध्यान दें और एनीमिया से बचाव के लिए समुदाय को अधिकाधिक जागरूक करें। साथ ही गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित देखभाल, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग तथा कुपोषित-अतिकुपोषित बच्चों की पुनः पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री नवनीत शर्मा ने बताया कि बच्चे के गर्भधारण से लेकर प्रसव पश्चात् देखभाल तक के प्रत्येक चरण में स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग की साझेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रमों, गर्भधारण की विभिन्न अवस्थाओं में देखभाल, पौष्टिक आहार, तथा नमक व तेल के सीमित उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सुनीता शर्मा ने अष्टम पोषण माह के दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था एवं शिक्षा, वोकल फॉर लोकल, शिशु एवं बाल आहार, पुरुष भागीदारी तथा मोटापा नियंत्रण जैसे पांच प्रमुख थीम पर विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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