– महिला मंडली ने निभाई विशेष भूमिका, गंगानगर नहर में हुआ मूर्ति विसर्जन
हनुमानगढ़। श्री नीलकंठ महादेव सेवा प्रन्यास की ओर से काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन माता की मूर्ति विसर्जन यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता रानी को विदाई दी।
समापन अवसर पर पंडित धर्मेंद्र शास्त्री के सानिध्य में विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। इसके पश्चात संस्था अध्यक्ष अश्विनी नारंग, सचिव चिमन मित्तल बब्बू, सुरेंद्र गाड़ी, महावीर शर्मा, अनिल शर्मा, वीरेंद्र गोयल और सुरेंद्र गुप्ता जेके सहित अन्य पदाधिकारियों व भक्तों ने संयुक्त रूप से पूजा कर विसर्जन यात्रा का शुभारंभ किया।
यात्रा की विशेषता रही महिला मंडली की सक्रिय भागीदारी। महिलाओं ने माता दुर्गा की प्रतिमा को उठाकर श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन यात्रा प्रारंभ की। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की गूंज के बीच महिलाएं और पुरुष नाचते-गाते यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़ माता रानी के जयकारों से गूंजती रही।
विसर्जन यात्रा काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। भक्तजनों ने पूरे मार्ग में माता रानी की आरती, भजन-कीर्तन और उत्साहपूर्ण नृत्य के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नगरवासियों ने जगह-जगह आरती कर पुष्पवर्षा से माता रानी को विदाई दी।
यात्रा गंगानगर नहर जहां निर्धारित विधि-विधान के अनुसार मूर्ति विसर्जन संपन्न हुआ। इस दौरान भक्तों की आंखें नम हो उठीं, लेकिन उन्होंने अगले वर्ष पुनः माता रानी के आगमन की कामना के साथ जयकारे लगाए।
पूरे आयोजन में अनुशासन और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सफल आयोजन के लिए सभी भक्तजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी दुर्गा पूजा महोत्सव ने समाज को एकता और भक्ति के सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।
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