गोलूवाला गुरुद्वारा प्रकरण – एफआईआर 303/2025 के निष्पक्ष अनुसंधान की मांग तेज

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-सिख जथेबंदियों ने एसपी हनुमानगढ़ को सौंपा ज्ञापन, सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल लोकेशन सुरक्षित करवाने की अपील
हनुमानगढ़। गोलूवाला स्थित गुरुद्वारा महताबगढ़ साहिब के मामले में विवाद गहराने के बीच पंजाब व राजस्थान की सिख जथेबंदियों ने सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर नंबर 303/2025 का निष्पक्ष अनुसंधान करवाने की जोरदार मांग की। ज्ञापन एसजीपीसी राजस्थान चैयरमैन सरदार तेजेन्द्रपाल सिंह टिम्मा के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि गुरुद्वारा प्रकरण में सच्चाई उजागर करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि दिनांक 03.10.2025 को बड़ी संख्या में हथियारबंद व्यक्तियों द्वारा गुरुद्वारा में अनधिकृत प्रवेश कर नायब सिंह, बलकरण सिंह, काबल सिंह, गुरप्रीत सिंह, सिमरजीत सिंह, जसविन्द्र सिंह व अंग्रेज सिंह पर प्राणघातक हमले किए गए। इस संबंध में एफआईआर नंबर 244/2025 और 243/2025 पुलिस थाना गोलूवाला में दर्ज हैं तथा दोनों प्रकरण जांचाधीन हैं। इस दौरान उपखंड मजिस्ट्रेट पीलीबंगा द्वारा गुरुद्वारा को कुर्क कर थानाधिकारी तेजवंत सिंह को रिसीवर नियुक्त किया गया था, जिन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन हेतु सुखदीप सिंह को सेवा में लगाया।
सिख जथेबंदी एसजीपीसी राजस्थान चैयरमैन तेजेन्द्रपाल सिंह टिम्मा ने आरोप लगाया कि सुखदीप सिंह मुकदमे के मुलजिमों से मिलकर बीबी हरमीत कौर पर राजीनामा करवाने का दबाव बनाने में जुटा है, और इसी उद्देश्य से उसके द्वारा एफआईआर नंबर 303/2025 दर्ज करवाई गई, जिसमें कथित रूप से 21.11.2025 की घटना दिखाई गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि एफआईआर 303 में दर्ज घटना तथ्यहीन व दबाव बनाने का प्रयास मात्र है, इसलिए इसकी गहन व निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
सिख जथेबंदियों ने मांग की कि थानाधिकारी को निर्देशित किया जाए कि गुरुद्वारा के सामने स्थित सतपाल खुराना के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रशासन द्वारा लगाए गए कैमरों की रिकॉर्डिंग तथा मौके पर मौजूद कर्मचारियों की मोबाइल लोकेशन सुरक्षित रखी जाए ताकि जांच में इनके साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सके। साथ ही यह भी मांग रखी गई कि विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुद्वारा में सेवा हेतु किसी निष्पक्ष पाठी की नियुक्ति की जाए, जिससे धार्मिक स्थल की पवित्रता एवं शांति बनी रह सके।
ज्ञापन में कहा गया कि एफआईआर 303/2025 का निष्पक्ष अनुसंधान कराया जाए और परिणाम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, जिससे निर्दोष व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान  प्रधान एकनूर खालसा फौज सुखचरण सिंह बुगलांवाली,बीबी हरमीत कौर खालसा गोलूवाला, सरपंच रमनदीप कौर, प्रविन्द्र सिंह सिधु, गुरप्रीत सिंह सिधु, हिमांशु जग्गा, हरदयाल सिंह रमाना,नायब सिंह देयोल, संतोख सिंह, गुरदयाल सिंह बराड़, अजैब सिंह बराड़, रणजीत सिंह फौजी, सतपाल सिंह, नछतर सिंह मिस्त्री, हरभजन सिंह खालसा, परमजीत सिंह मांगट, बलविंदर सिंह खालसा, जरनैल सिंह मानकसर, कुलवंत सिंह मलकोकां, देवेन्द्र सिंह पीलीबंगा, बलकरण सिंह बड़ी संख्या में सिख प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने गुरुद्वारों की मर्यादा की रक्षा, कानून व्यवस्था और धार्मिक स्थलों पर शांति बनाए रखने की अपील की। सिख जथेबंदियों ने प्रशासन को चेताया कि यदि न्यायपूर्ण जांच नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जाएगा, परंतु फिलहाल वे न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास रखते हैं।

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