– देशभर से आए 550 विशेषज्ञों ने मधुमेह के नवीन उपचार और जनजागरूकता पर की चर्चा
हनुमानगढ़। आरएसएसडीआई राजस्थान चैप्टर के 13वें वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन आरएसएसडीआई-26 का आज शहर में विधिवत शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस महत्त्वपूर्ण चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन शहर के राजीव पैलेस में किया जा रहा है, जिसमें देशभर से लगभग 550 वरिष्ठ चिकित्सक, डायबिटोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. वी. डी. माहेश्वरी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अरविंद माथुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. एस. एस. गेट ने की। मंच पर राजस्थान आरएसएसडीआई के चेयरमैन डॉ. डी. सी. शर्मा, चेयरमैन निर्वाचित डॉ. प्रद्युम्न शर्मा, मुख्य संरक्षक डॉ. के. के. पारीक, आईसीपी डीन डॉ. गिरीश माथुर, राजस्थान आरएसएसडीआई के मानद सचिव डॉ. पुनीत सक्सेना, आयोजन सचिव डॉ. ऐश्वर्य गुप्ता, वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. ओ. पी. बेनीवाल, डॉ. अमृतपाल सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पारस जैन तथा डॉ. बृजेश गौड़, डॉ. राकेश फागेड़िया, डॉ. दीपक चौधरी, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. ज्ञान सिंह, शेखावत सहित अनेक विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि भारत तेजी से मधुमेह प्रभावित देशों में अग्रणी बनता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में चिकित्सकों के लिए नवीनतम शोध, नई दवाओं और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा करना अत्यंत आवश्यक है।
आयोजन समिति सदस्य डॉ. अमृतपाल सिंह ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिन विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें विशेषज्ञों ने डायबिटीज प्रबंधन, नई इंसुलिन थेरेपी, अत्याधुनिक दवाओं और रोग नियंत्रण की रणनीतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। पैनल चर्चा और केस स्टडी के माध्यम से जटिल मामलों पर भी मंथन किया गया। सभी विशेषज्ञों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए मधुमेह नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों पर जोर दिया।
आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. एस. एस. गेट ने जानकारी दी कि सम्मेलन केवल चिकित्सकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आमजन को भी इससे जोड़ा जाएगा। 1 मार्च को सुबह 8:30 बजे Reliable Lab से डायबिटीज जागरूकता रैली निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य लोगों को मधुमेह के प्रति सचेत करना है। इसके अतिरिक्त सुबह 10 बजे “रोगी-परिजन एवं चिकित्सक संवाद” कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मरीज और उनके परिजन सीधे विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे।
दूसरे दिन के सत्रों में देशभर से आए विशेषज्ञ डायबिटीज टाइप-2 की रोकथाम, नई इंसुलिन तकनीकों, दवाओं के प्रभावी उपयोग और समय रहते जटिलताओं की पहचान पर विस्तृत चर्चा करेंगे। विशेष रूप से मधुमेह के कारण हृदय और किडनी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को समय पर पहचानकर उन्हें नियंत्रित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते जांच, संतुलित जीवनशैली और नियमित उपचार से मधुमेह के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
राजस्थान आरएसएसडीआई के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में भी सहायक सिद्ध होते हैं। सम्मेलन के माध्यम से नवीन शोध और चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंचेगी।
उद्घाटन समारोह के अंत में आयोजन सचिव डॉ. ऐश्वर्य गुप्ता ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा सम्मेलन की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की। आयोजकों के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और दूसरे दिन भी महत्वपूर्ण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर चिकित्सकों और प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
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