नवसंवत 2083 का भव्य स्वागत, भारत विकास परिषद द्वारा हर्षोल्लास से मनाया गया उत्सव

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हनुमानगढ़। भारत विकास परिषद, नगर इकाई हनुमानगढ़ के तत्वावधान में भारतीय नवसंवत 2083 का शुभारंभ बड़े ही हर्ष, उल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के सेंट्रल पार्क में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परिषद के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं आमजन की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने सेंट्रल पार्क में आए जनसमुदाय को तिलक लगाकर भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया गया। नवसंवत्सर के पावन अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सचिव अशोक सुथार द्वारा एक प्रेरणादायक कविता का पाठ भी किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया— नव किरणों संग आया नव वर्ष, लेकर खुशियों का उजियारा। संस्कारों की पावन धारा में, डूबे भारत का हर सितारा। नई उमंग, नया विश्वास,
नई आशा का हो संचार। धरती गाए मंगल गीत, गूंजे प्रेम और सत्कार।
परिषद के अध्यक्ष अनिल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि नव संवत्सर 2083 हमें प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन में सकारात्मकता अपनाएं, अपने संस्कारों को सहेजें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह पर्व हमें एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देता है।
इस अवसर पर परिषद के सक्रिय सदस्य दीपक कटारिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है। ऐसे आयोजनों से समाज में भारतीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। हमें ऐसे आयोजनों को निरंतर बढ़ावा देना चाहिए ताकि हमारी संस्कृति और अधिक सशक्त हो सके।

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