-बाबा बंता सिंह मुण्डा पिंड तरनतारण ने किया कथा विचार, चिकित्सा शिविर में डॉ. सुरेश बाजिया ने दी सेवाएं; सर्व सिक्ख समाज भवन का हुआ उद्घाटन
हनुमानगढ़। सर्व सिक्ख समाज समिति हनुमानगढ़ की ओर से शनिवार को सिविल लाईन्स स्थित सर्व सिक्ख समाज समिति परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ गुरमत समागम का आयोजन किया गया। समागम में इलाके की बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लेकर गुरू साहिब की बाणी का श्रवण किया और आध्यात्मिक वातावरण में गुरमत विचारों से प्रेरणा प्राप्त की।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक बाबा बंता सिंह मुण्डा पिंड तरनतारण वाले विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गुरू साहिब की पवित्र बाणी का गुणगान करते हुए कथा विचार प्रस्तुत किए। बाबा बंता सिंह ने अपने प्रवचनों में संगत को गुरुओं की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया और कहा कि गुरबाणी का मार्ग मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने हमेशा मानवता, सेवा, भाईचारे और समानता का संदेश दिया है, जिसे अपने जीवन में अपनाकर ही सच्चे अर्थों में गुरु के मार्ग पर चला जा सकता है। संगत ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ कथा का श्रवण किया।
गुरमत समागम से पहले सर्व सिक्ख समाज समिति की ओर से एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश बाजिया ने अपनी सेवाएं देते हुए बड़ी संख्या में आए लोगों की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में उपस्थित लोगों को हृदय रोग से संबंधित आवश्यक परामर्श भी दिया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। चिकित्सा शिविर में क्षेत्र के कई लोगों ने लाभ उठाया और समिति के इस प्रयास की सराहना की।
इसी अवसर पर सर्व सिक्ख समाज भवन का उद्घाटन भी किया गया। भवन का उद्घाटन प्रसिद्ध कथावाचक बाबा बंता सिंह, विधायक गणेशराज बंसल, निवर्तमान नगर परिषद सभापति सुमित रणवां तथा सर्व सिक्ख समाज समिति के अध्यक्ष बलकरण सिंह गिल द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भवन के निर्माण के लिए समिति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह भवन समाज के धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
विधायक गणेशराज बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं और हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































