पुरानी पेंशन योजना बहाली और आरजीएचएस में कटौती बंद करने की उठी मांग

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– राज्य कर्मचारी महासंघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। 
राज्य कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम एक 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समान वेतन, समयबद्ध पदोन्नति, नियमित नियुक्तियां, और आर.जी.एच.एस. योजना में सुधार जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
महासंघ जिलाध्यक्ष चन्द्रभान ज्याणी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त कर राज्य कर्मचारियों के 53 हजार करोड़ रुपये जीपीएफ खाते में जमा किये जाएं, जिससे कर्मचारियों को लाभ मिल सके। साथ ही, राजस्थान में परिभाषित पुरानी पेंशन योजना को यथावत रखने की मांग दोहराई गई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आर.जी.एच.एस. योजना में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसमें चिकित्सा संस्थान, दवा विक्रेता और कुछ भ्रष्ट अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते योजना का बजट कई गुना अधिक खर्च हो रहा है और इसका भार कर्मचारियों की सुविधाओं पर कटौती कर निकाला जा रहा है। दवाओं, जांचों व उपचार की प्रक्रिया में जटिलता बढ़ने से कर्मचारियों को भारी असुविधा हो रही है।

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