Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, छह जिलों में मूसलधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात

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राजस्थान (Rajasthan Weather) में मानसून इस सप्ताह पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब राज्य पर अपना प्रभाव दिखा रहा है। इसका सीधा असर जोधपुर, नागौर, पाली, अजमेर, सिरोही और जालोर जैसे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां शुक्रवार रात से लगातार तेज़ बारिश हो रही है। शनिवार को अजमेर और टोंक में हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजस्थान में बारिश से हुए हादसों में बीते चार दिन में 23 लोगों की जान गई है।

राज्य के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 48 घंटों में दक्षिण-पश्चिम और मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। अजमेर और टोंक जिलों के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में जुटना पड़ा है, खासकर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

पाली, सिरोही और जालोर जिलों में भी कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान होने की आशंका है। दूसरी ओर जोधपुर और नागौर में बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन बिजली और यातायात व्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।

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10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने आगामी 18 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जयपुर, जालौर, झालावाड़, जोधपुर, सवाई माधोपुर, सिरोही और उदयपुर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में बना दबाव का क्षेत्र और बाड़मेर से कटक तक फैली मानसूनी ट्रफ रेखा इस बारिश की मुख्य वजह है। इसके चलते 18 जुलाई को जयपुर, अजमेर, कोटा, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर और राजसमंद में मूसलाधार बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी तेज़ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे इस कम दबाव के क्षेत्र ने पहले ओडिशा और झारखंड में बारिश दी और अब यह पश्चिम की ओर बढ़ते हुए राजस्थान में सक्रिय हो गया है। 22 जुलाई तक यह सिस्टम पश्चिमी राजस्थान के ऊपर रहेगा, जिससे जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे शुष्क इलाकों में भी अच्छी बारिश की संभावना है।

राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की जा रही हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

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इस बार का मानसून अब तक सामान्य से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में राज्य में अब तक औसतन 12% अधिक वर्षा हो चुकी है, जो कृषि और जलस्रोतों के लिए सकारात्मक संकेत है — हालांकि बाढ़ जैसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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