– पीड़ित परिवार पंचायत घर में डेरा डाले बैठे, समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
हनुमानगढ़। मक्कासर गांव के वार्ड नंबर 8, 9 व 10 में सितंबर–अक्टूबर माह के दौरान हुई अतिवृष्टि ने ग्रामीणों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के कारण इन वार्डों में करीब 6 फुट तक पानी भर गया, जिससे लगभग 150 से अधिक मकानों को भारी नुकसान हुआ। पानी के लंबे समय तक भरे रहने से ग्रामीणों की राशन सामग्री, फर्नीचर, बिजली के उपकरण सहित अन्य घरेलू सामान नष्ट हो गया। प्रभावित परिवारों को अपने घरों को छोड़कर अन्यत्र शरण लेनी पड़ी। कई मकान पूरी तरह ढह गए जबकि कई जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को लिखित रूप में गुहार लगाई थी। जिला कलेक्टर द्वारा मौके पर सर्वे करवाकर 15 दिनों के भीतर उचित मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज तक किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिल पाई है। इस कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
गांव की गलियों की स्थिति भी बद से बदतर हो चुकी है। लगभग हर घर के सामने 6 फुट गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे आवागमन बाधित है। ग्रामीण अपने घरों तक साइकिल तक नहीं ले जा पा रहे। यदि कोई परिवार स्वयं अपने खर्चे पर मकान की मरम्मत करना चाहता है तो निर्माण सामग्री गलियों में बने गड्ढों के कारण ले जाना संभव नहीं है।
विनोद कुमार बोगियां ने बताया कि 150 से अधिक परिवार पूरी तरह बेघर हो चुके हैं और सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। गांव के कई पीड़ित परिवार पंचायत घर में टेंट लगाकर डेरा डाले बैठे हैं, जबकि कुछ लोग ढाणियों में झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। वहीं, पांच-पांच परिवार एक साथ धर्मशालाओं में अस्थायी रूप से शरण लिए हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो सभी पीड़ित परिवार व ग्रामवासी मिलकर कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
इस दौरान भूपेंद्र लिंबा, चेतराम चांवरिया, कालीचरण, दयाराम नोखवाल, विनोद कुमार बोगियां, भागराम पोटलिया, बनवारी, सहीराम, संतराम, प्रकाश दूपगा सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पंचायत समिति विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित मकानों का शीघ्र मुआवजा जारी करने और गलियों की मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द राहत प्रदान करेगा, ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने घरों में लौट सकें।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































