सिन्धी समाज में दो जिलाध्यक्ष बनाए जाने का विरोध

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हनुमानगढ़। पूज्य जिला सिन्धी महापंचायत हनुमानगढ़ की पूर्व कार्यकारिणी द्वारा एक प्रेस काॅन्फ्रेन्स रिद्धेश्वर पैलेस, हनुमानगढ़ जंक्शन में सम्पन्न हुई। इस प्रेस काॅन्फ्रेन्स का मुख्य मुद्दा पूज्य जिला सिन्धी महापंचायत के दो जिलाध्यक्ष बनाने के विरोध का रहा। पूर्व जिला अध्यक्ष विजय पेशवानी ने कहा की हमारे समाज की एकता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। किन्तु हाल ही में समाज में व्यक्तिगत स्वार्थ एवं गुटबाजी के चलते दो जिलाध्यक्ष घोषित किए जाने का प्रयास किया गया है, जो पूर्णतय असंवैधानिक, अनुचित और समाज की एकजुटता को कमजोर करने वाला कदम है। समाज की कार्यकारिणी के नियमों और परंपराओं के अनुसार एक ही जिलाध्यक्ष का चयन व नियुक्ति वैधानिक एवं मान्य है। पुज्य जिला सिन्धी महापंचायत हनुमानगढ़ के जिला अध्यक्ष के चुनाव में समाज के चन्द लोगों को रात 1 बजे रावतसर बुलाकर व श्रीगंगानगर जिले के अध्यक्ष को बुलाकर व जिला महापंचायत के दो फाड़ करके दो जिला अध्यक्ष बना दिये गऐ जिसमें नोहर, भादरा, रावतसर और डबली पंचायत के लिये जिला अध्यक्ष हरीश वाधवानी को बनाया गया व हनुमानगढ़ टाउन, सुरेशिया, गांधीनगर, हाउसिंग बोर्ड, पीलीबंगा के लिये खजान चन्द शिवनानी को जिला अध्यक्ष बनाया गया। ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य सिन्धी समाज के इतिहास में आज तक कभी नही हुआ की एक ही जिले के दो जिला अध्यक्ष बना दिये गये हो। सिर्फ अपनी कुर्सी की चाह व व्यक्तिगत स्वार्थ के लिये खजान चन्द शिवानानी द्वारा अपने गुट के चन्द लोगों को इकट्ठा कर रात को 1 बजे रावतसर में स्वंय को जिला अध्यक्ष घोषित करवा दिया। हम स्पष्ट शब्दों में यह कहना चाहते हैं कि समाज में केवल एक ही वैधानिक जिलाध्यक्ष को मान्यता दी जाएगी। दो जिलाध्यक्ष बनाने का निर्णय समाज के संविधान, नियमों और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। ऐसे निर्णय से समाज में भ्रम, विवाद और विभाजन की स्थिति उत्पन्न होगी, जो हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। समाज की एकता, प्रगति और गरिमा के लिए आवश्यक है कि हर सदस्य नियमों का पालन करे और अनुशासन में रहे। अतः हम समस्त समाजजनों से आग्रह करते हैं कि वे इस असंवैधानिक कदम का विरोध करें और समाज में केवल एक ही जिलाध्यक्ष की मान्यता को स्वीकार करें। इस प्रेस काॅन्फ्रेन्स में जिला संरक्षक खानचन्द भारवानी, पूर्व महासचिव मूलचन्द भागनानी, अशोक गांधी पमनानी, लालचन्द चन्दानी, पुरूषत्तम तुलसानी, राजकुमार तुलसानी, आत्माराम टेकचन्दानी, नारायण पारवानी, ध्रुव नानकानी, विक्रम कारयानी आदि उपस्थित थे।

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