फाटक गौशाला में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी

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दूसरे दिन राजा परीक्षित प्रसंग और शुकदेव जन्म पर हुआ विशेष प्रकाश
हनुमानगढ़ टाउन के बरकत कॉलोनी स्थित फाटक गौशाला के निर्मला सत्संग भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा एवं दुर्लभ कथा सत्संग का भव्य आयोजन 23 अक्टूबर 2025 से आरंभ होकर 29 अक्टूबर 2025 तक चल रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन भक्तजन बड़ी श्रद्धा और समर्पण के साथ कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। कथा का वचन ऋषिकेश के प्रसिद्ध बाल ब्रह्मचारी संत श्री हरिदास जी महाराज के मुखारविंद से हो रहा है, जो भक्ति, धर्म, ज्ञान एवं वैराग्य की महिमा पर प्रकाश डालते हुए भक्तों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
कथा के दूसरे दिन मुख्य रूप से राजा परीक्षित के प्रसंग और शुकदेव जी के जन्म की कथा का वर्णन हुआ। महाराज श्री ने बताया कि पाप से मुक्ति पाने, मन को शुद्ध करने और जीवन को धर्ममय बनाने के लिए श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अत्यंत फलदायी होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में अच्छे कर्मों का मार्ग अपनाना चाहिए क्योंकि सत्कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। इस दौरान विदुर और मैत्रेयी के मध्य हुए आध्यात्मिक संवाद, ज्ञान और वैराग्य के महत्व तथा सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति की ओर अग्रसर होने का संदेश भी भक्तों को दिया गया। फाटक गौशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज की कथा के यजमान ओम प्रकाश करवा एवं उनकी धर्मपत्नी विमल करवा रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा- अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक होती है, जिसके पश्चात भक्ति भाव से आरती सम्पन्न कराई जाती है। इसके साथ ही प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे से 6:30 बजे तक प्रभात फेरी व प्रार्थना का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है, जिसमें भक्तजन उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।
कथा का समापन 30 अक्टूबर गोपाष्टमी के पावन अवसर पर हवन यज्ञ एवं प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस दिव्य कथा का लाभ ग्रहण करें और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करें।
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