– सुअर पालन से रोजगार तो मिला, लेकिन सुविधाओं के अभाव में किसान परेशान
हनुमानगढ़। जिले में सुअर पालन को रोजगार का एक सशक्त माध्यम मानते हुए सैकड़ों किसानों ने इसे अपनाया है, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि अनेक बेरोजगारों को भी काम मिला है। लेकिन सरकारी सुविधाओं के अभाव और आधारभूत ढांचे की कमी के चलते अब यह व्यवसाय किसानों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। इसी को लेकर हनुमानगढ़ जिले के सुअर पालन किसानों ने एक ज्ञापन जिला कलक्टर व भाजपा प्रत्याशी अमित साहू के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान को प्रेषित किया है।
ज्ञापन में किसानों ने अपनी प्रमुख मांग के रूप में राज्य में एक सलाटर हाउस (वधशाला) की स्थापना की आवश्यकता जताई है। किसान शिव शंकर ने बताया कि माल तैयार होने के बावजूद राजस्थान में कोई मंडी या उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बिक्री बेहद कठिन हो जाती है। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है बल्कि तैयार माल का प्रबंधन भी चुनौती बन जाता है।
शिव शंकर ने यह भी बताया कि सुअरों में लगने वाले रोगों से बचाव के लिए आवश्यक सीएसएफ (क्लासिकल स्वाइन फीवर) और एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) की वैक्सीन सरकारी स्तर पर उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा राज्य में सुअर पालन से जुड़ी कोई जांच लैब या डॉक्टर की सुविधा भी नहीं है, जिससे समय पर बीमारी की पहचान और इलाज संभव नहीं हो पाता।
ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































