मुह पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, वक्ता बोले हमारी आवाज को दबाने का किया जा रहा प्रयास

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– जाति प्रमाण पत्र बनाने की मांग को लेकर 13 वें दिन धरना जारी
हनुमानगढ़। धाणका समाज जनजाति संघर्ष समिति हनुमानगढ़ के बैनर तले शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे समाज के लोगों ने सरकार और प्रशासन द्वारा समाज के लोगों की आवाज दबाने के विरोध में मुह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 13 दिनों से समाज के लोग अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे है, परन्तु सरकार व प्रशासन के कान पर जू तक नही रेंग रही है। उन्होने साफ चेतावनी दी कि अब सब्र का बांध टूटता जा रहा है, यदि उनकी जायज मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि धाणका समाज लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन सरकार और प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। बार-बार निवेदन और ज्ञापन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना यह साबित करता है कि सरकार समाज की पीड़ा को अनसुना कर रही है।
वक्ताओं ने कहा कि धाणका समाज के युवा वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं पास करते हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र के अभाव में उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाती। परिणामस्वरूप युवा बेरोजगार बैठे हैं और उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। समाज के लोग इसे अन्याय मानते हुए अब आंदोलन को और आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। धरनास्थल पर मौजूद युवाओं और महिलाओं ने भी सरकार के खिलाफ कड़े शब्दों में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान किए बिना धरना खत्म नहीं होगा। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन अब पूरे राजस्थान में फैलेगा और सरकार को मजबूरन धानका समाज की उचित मांगों पर कार्यवाही करनी पड़ेगी।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समाज को उसका हक नहीं मिला तो सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति ने सरकार को बातचीत का पूरा अवसर दिया, लेकिन अब धैर्य की सीमा टूट चुकी है। धरनास्थल पर रोजाना की तरह शनिवार को भी बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि यह संघर्ष केवल धाणका समाज का नहीं बल्कि न्याय और समान अधिकार की लड़ाई है, जिसमें समाज का हर वर्ग शामिल होकर अपना समर्थन देगा।

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