जंडावाली गांव में बरसात बनी आफत- प्रशासन की अनदेखी से डूबे ग्रामीणों के मकान

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– अतिक्रमण ने रोका पानी का रास्ता, बारिश से पहले ही दी थी प्रशासन को चेतावनी
हनुमानगढ़। 
ज़िला मुख्यालय के नजदीक जंडावाली गांव में प्रशासन की लापरवाही और प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण ने ग्रामीणों के जीवन को भारी संकट में डाल दिया है। भारी बरसात के चलते गांव के दर्जनों मकानों में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव के जोहड़ (परंपरागत जलस्रोत) के पायतन पर अतिक्रमण के कारण वर्षा का पानी निकासी नहीं हो सका, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
ग्रामीण कुलदीप सिंह कैली बताया कि ग्रामीणों ने 30 जून को ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आगामी बरसात में संभावित संकट की चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ तौर पर प्रशासन को अवगत कराया था कि गांव का पानी वर्षों से जोहड़ में बहता रहा है, लेकिन अब कुछ प्रभावशाली लोगों ने जोहड़ के पायतन पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई है। बावजूद इसके, प्रशासन ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। जिला कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और ग्राम प्रशासक तक अनेकों बार शिकायतें और सूचनाएं पहुंचाई गईं, लेकिन अधिकारियों की चुप्पी और निष्क्रियता के कारण गांव के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते चले गए। आखिरकार बारिश ने दस्तक दी और ग्रामीणों की आशंकाएं सही साबित हुईं, दर्जनों मकान पानी में डूब गए, घरों का सामान बर्बाद हो गया और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को समय रहते यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब जबकि नुकसान हो चुका है, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुआवज़े की मांग की है और पुनः जोहड़ से अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों ने कहा कि यह पानी अगल 15 दिन तक यू ही जमा रहेगा और आमजन का जीवन अस्त व्यस्त रहेगा। प्रशासन को चाहिए की तुरन्त प्रभाव से जोहड़ से अतिक्रमण हटवाकर ग्रामीणों को निजात दिलवाये।

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