– संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन, नुकसान की भरपाई व मुआवजे की उठाई मांग
हनुमानगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा जिला हनुमानगढ़ ने शनिवार को प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर धान और मूंग की फसल को सरकारी स्तर पर समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की। किसानों ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला राज्य का प्रमुख “राइस बेल्ट” कहलाता है, जहां धान, मूंग, बाजरा और मक्का जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इसके बावजूद यहां के किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में उक्त फसलों की खरीद सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर नियमित की जाती है। वर्ष 2021 में किसान आंदोलन के दौरान जब प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे, तब राजस्थान सरकार ने भी समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद शुरू की थी। लेकिन दुर्भाग्य से पिछले चार वर्षों से यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि हर साल सरकार से आश्वासन मिलता है, परंतु व्यवहार में खरीद की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, जिससे किसानों को सड़क पर उतरना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस वर्ष जिले में अधिक बारिश होने से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। धान और मूंग सहित कई रबी व खरीफ फसलों की पैदावार पर विपरीत असर पड़ा है। किसान मोर्चा ने मांग की कि नुकसान की गिरदावरी करवा कर शीघ्र सर्वे पूरा किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही गरीब किसानों और मजदूरों के मकानों को हुए नुकसान का भी सर्वे करवाकर मुआवजा स्वीकृत किया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं करती और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई नहीं करती, तब तक किसान आंदोलन करने को मजबूर रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर सुभाष मक्कासर, रविन्द्र रणवां, मनीष मक्कासर, संदीप कंग, मदन दुगेसर, सुखजीत चड्ढ़ा, बलजिन्द्र सिंह बराड़, रघुवीर वर्मा, जाकिर हुसैन, वेद सुथार, सचिन कौशिक, बलदेव सरपंच, जगदीश तंवर व अन्य किसान मौजूद थे।
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