-डिग्गियों की अनुदान राशि भुगतान को लेकर भी जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। भारतीय किसान यूनियन ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खरीफ फसलों की समय पर सरकारी खरीद, गिरदावरी प्रक्रिया में बदलाव और किसानों की डिग्गियों की अनुदान राशि शीघ्र जारी करने की मांग की है। यूनियन ने कहा कि खरीफ की फसलें 15 सितम्बर से पहले ही पककर मंडियों में आने लगेंगी। ऐसे में यदि समय रहते सरकारी खरीद की व्यवस्थाएँ नहीं की गईं तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ दिन पूर्व संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा भी यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुँचाई जा चुकी है। यूनियन ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद के लिए गिरदावरी अनिवार्य है, लेकिन यदि यह समय पर नहीं होगी तो किसानों की फसल बिक नहीं पाएगी। ज्ञापन में गिरदावरी प्रक्रिया में बदलाव के सुझाव भी दिए गए। इसमें कहा गया कि यदि एक ही प्रकार की फसल कई खसरे/किल्लों में बोई गई है तो एक ही फोटो से गिरदावरी का विकल्प किसानों व पटवारियों को दिया जाए। किसान द्वारा गिरदावरी नहीं करने की स्थिति में पटवारी इसे समय पर पूरा कर सके ताकि किसान आवश्यकता पड़ने पर गिरदावरी की नकल प्राप्त कर सके। इसके अलावा किसान यूनियन ने मांग रखी कि किसान द्वारा की गई गिरदावरी स्वयं प्रमाणित मानी जाए। गिरदावरी में खसरे की अनिवार्यता समाप्त की जाए क्योंकि इससे गिरदावरी पूरी करना संभव नहीं होगा। एक पटवारी के पास कई चक होते हैं और हर खसरे की लोकेशन लेना व्यावहारिक नहीं है, विशेषकर धान, ग्वार और नरमा जैसी फसलों में। वहीं 5 अगस्त को किसानों के साथ हुई मीटिंग के बाद जिला कलैक्टर ने एक कलैण्डर बनाकर सरकार को भेजा है जिसमें खरीफ की फसलों की खरीद का समय निर्धारित कर खरीद की मांग जिला कलैक्टर ने सरकार से रखी है जिसमें पिछले वर्ष जयपुर में हुई किसानों की वार्ता का हवाला भी दिया गया है।यूनियन ने किसानों की डिग्गियों की अनुदान राशि भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि किसानों ने अपने निजी खर्च से 31 मार्च से पहले डिग्गियां पूरी कर ली थीं, लेकिन सरकार की ओर से देय अनुदान राशि अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची। इस कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने जिला कलेक्टर से मांग की कि फसलों की समय पर सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए, गिरदावरी नियमों में व्यावहारिक बदलाव किए जाएँ और किसानों को उनकी डिग्गियों की अनुदान राशि शीघ्र जारी की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। रेशम सिंह मानुका,सुभाष मक्कासर ,रविन्द्र सिंह,लखवीर सिंह,चरणजीत सिंह,गुरप्यार सिंह,बलविंदर सिंह,मनप्रीत सिंह ,गुरराज सिंह,यादविन्द्र सिंह,सचिन कोशिक,कुलविन्दर सिंह,वीर सिंह,मगंत सिंह ,जाकिर हुसैन, मौजूद थे।
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