आत्मरक्षा कौशल प्रशिक्षण एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर का शुभारंभ

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हनुमानगढ़। अग्रवाल समाज समिति महिला इकाई द्वारा 11 फरवरी मंगलवार से सरस्वती कन्या महाविद्यालय और सरस्वती कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आत्मरक्षा कौशल प्रशिक्षण और साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया गया। यह शिविर 17 फरवरी सोमवार तक सात दिनों तक विद्यालय समय में दोपहर 1.30 बजे से लेकर 3.30 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
इस शिविर का उद्देश्य महाविद्यालय और विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुण सिखाना है, ताकि वे किसी भी अप्रत्याशित परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम हो सकें। हनुमानगढ़ की महिला पुलिस द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे इंटरनेट पर होने वाले खतरों से सुरक्षित रह सकें।
कार्यक्रम में अग्रवाल महिला समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल,  विधि मंत्री सरोज अग्रवाल, सचिव मोनिका जिंदल, सहसचिव मनीषा सिंगला, संगठन मंत्री वनिता सिंगला, सांस्कृतिक मंत्री रेखा बंसल, राज मित्तल, मीना गर्ग, रिनू बंसल, संतोष बंसल, तथा संरक्षण मंडल के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट मंजुला गर्ग और दर्शना अग्रवाल उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों के रूप में S.I. सविता ढाल, CWC अध्यक्ष एवं जिला मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल, अग्रवाल समाज के वरिष्ठ सदस्य देवेंद्र अग्रवाल, राजस्थान पत्रिका के सीनियर एडिटर मनोज गोयल, अग्रवाल समाज समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहित बलाडिया, सीनियर प्रशिक्षक गायत्री जी, प्रशिक्षक इंदिरा जी और अग्रवाल समाज के सदस्य कोमल कुमार अग्रवाल, सतीश अग्रवाल इत्यादि उपस्थित थे।
अग्रवाल समाज समिति महिला इकाई की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में महिला अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन इन कानूनों के साथ-साथ यह जरूरी है कि बालिकाएं और बेटियां आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि वे खुद अपनी सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि शिविर का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है, ताकि छात्राएं खुद को कमजोर ना समझें और आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाएं।
S.I. सविता ढाल ने बच्चियों को आत्मरक्षा की तकनीकों के साथ-साथ मोबाइल फोन के बढ़ते खतरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन और इंटरनेट पर होने वाले साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता आवश्यक है। सीनियर प्रशिक्षक गायत्री जी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आत्मरक्षा सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक भी होनी चाहिए, ताकि महिलाएं किसी भी मुश्किल परिस्थिति का सामना कर सकें।

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