श्रीमद्भागवत कथा का आगाज, निकली भव्य कलश यात्रा

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-ध्वजा लिए आगे पुरुष, सिर पर कलश लिए महिलाओं ने बढ़ाई शोभा
हनुमानगढ़। नगर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं दुर्लभ सत्संग कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व सोमवार को एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा शिव कुटिया से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई चंद्रशेखर आजाद वाटिका पहुंची, जहां आगामी 15 से 21 सितंबर तक प्रतिदिन कथा, प्रवचन, प्रभातफेरी एवं भजन-कीर्तन जैसे विविध आध्यात्मिक आयोजन संपन्न होंगे।
कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। सबसे आगे पुरुष श्रद्धालु भगवा ध्वज लिए भजन संकीर्तन करते हुए चल रहे थे, वहीं उनके पीछे-पीछे भगवा वस्त्रधारी महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए प्रभु नाम का गुणगान करते हुए चल रही थीं। पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ और ‘हरि बोल’ जैसे उद्घोषों से गूंज रहा था। जगह-जगह भक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।
इस कलश यात्रा में बच्चों, युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक की भागीदारी रही। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और शीतल जल की व्यवस्था की गई थी। भक्तों की भक्ति और श्रद्धा से नगर का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम के मुख्य प्रवचनकर्ता बाल संत श्री हरिदास जी महाराज (ऋषिकेश) होंगे, जो प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। इसके साथ ही प्रातः 5 बजे से 7 बजे तक प्रभातफेरी, प्रार्थना एवं प्रवचन का आयोजन रहेगा। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक भजन-कीर्तन तथा रात्रि 8:30 से 10 बजे तक भक्तमाल कथा का विशेष आयोजन किया जाएगा।
आयोजन के प्रमुख श्री राम प्रभात फेरी मंडल, हनुमानगढ़ के सदस्यों ने बताया कि कथा के माध्यम से समाज में अध्यात्म, सेवा एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य है। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सत्संग लाभ प्राप्त करने की अपील की।

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