-गिद्दा, झूले और गुड़ के गुलगुले के साथ छात्राओं ने जताई पंजाबी संस्कृति से जुड़ाव
हनुमानगढ़। पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए सावन के पावन महीने में तीज का उत्सव शनिवार को सरस्वती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जंक्शन में पारंपरिक धूमधाम से मनाया गया। पूरे महाविद्यालय परिसर को हरियाली और रंग-बिरंगी सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे सावन के मौसम की रौनक और उत्साह स्पष्ट झलक रहा था।
इस मौके पर कॉलेज के प्रांगण में खेतों जैसी प्राकृतिक छवि साकार करते हुए पेड़ों पर रस्सियों से झूले बांधे गए। छात्राओं ने पारंपरिक तीज गीत गाते हुए झूलों का भरपूर आनंद लिया। उनके पारंपरिक परिधान, उत्साह और लोकगीतों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं विभिन्न प्रकार की फन गेम्स ने आयोजन को और भी रोमांचक बना दिया।
इस आयोजन में एनएसएस की छात्राओं ने विशेष रूप से गुड़ के गुलगुले तैयार किए, जिन्हें सभी छात्राओं के बीच वितरित किया गया। इस पारंपरिक पकवान ने कार्यक्रम की मिठास और भी बढ़ा दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने छात्राओं को तीज पर्व के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि तीज केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह पंजाब की लोक संस्कृति, नारी सशक्तिकरण, पारिवारिक प्रेम और प्रकृति के साथ तादात्म्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गिद्दा डालना, झूले झूलना और लोकगीत गाना हमारी परंपरा का हिस्सा है, जिसे युवा पीढ़ी को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इसी भावना के साथ महाविद्यालय में इस पर्व को परंपरागत रूप में मनाने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर समिति सचिव अमरनाथ सिंगला, सहसचिव अनिल बंसल, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र बंसल डिम्पल, प्रियंका तँवर, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, प्रेम कुमार, ओमप्रकाश त्रिपाठी, ईश्वर चंद सहित महाविद्यालय स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जैलदार कृष्ण चाहर, सुरेश चाहर और मैनपाल स्वामी का विशेष योगदान रहा।
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