हनुमानगढ़ में मां भगवती का 12वां विशाल जागरण धूमधाम से संपन्न

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-शाह सिस्टर व लवी संधू के भजनों पर भक्त भाव-विभोर हुए
हनुमानगढ़। मां लक्ष्मी सेवा समिति एवं जनसहयोग के संयुक्त तत्वावधान में मां भगवती का 12वां विशाल जागरण शनिवार रात्रि को बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन स्थानीय कार्यक्रम स्थल पर किया गया, जहां सैकड़ों श्रद्धालु माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे और भजनों की रसवर्षा में डूब गए। कार्यक्रम का शुभारंभ रात्रि 8:15 बजे मुख्य यजमानों द्वारा विधिवत माता की ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। इस पावन अवसर पर प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय, समाजसेवी लक्की सिंधी, कमल अग्रवाल एवं पार्षद अशोक गौरी ने यजमान की भूमिका निभाई। उनके साथ समिति के पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।
जागरण में भजन संध्या की शुरुआत प्रसिद्ध भजन गायिकाओं शाह सिस्टर (पंजाब) एवं लवी संधू (गंगानगर) ने की, जिनके सुरों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजनों की स्वर लहरियों से श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। लवी संधू द्वारा प्रस्तुत “तेरे दर पे जो भी आया खाली गया नहीं माँ”, “जग जननी जय जय”, “मेरे सर पे हाथ रख दे माँ”, एवं “माँ के दरबार में जो आया, उसका बेड़ा पार हुआ” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा, “माँ भगवती का दरबार आस्था, विश्वास और शक्ति का प्रतीक है। जब समाज एकजुट होकर ऐसे जागरणों का आयोजन करता है, तो यह सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को प्रबल करता है।”
कार्यक्रम में मंच को भव्य रूप से सजाया गया था और माता रानी की आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भक्तों ने माता रानी की आरती व पूजा अर्चना कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। समिति की ओर से भक्तों के लिए प्रसाद एवं भंडारे की उत्तम व्यवस्था की गई थी।
माँ लक्ष्मी सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह जागरण जनसहयोग से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, और आने वाले वर्षों में भी इसे और भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन की सफलता में समिति के सभी सदस्यों, स्वंयसेवकों एवं सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

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