दुग्ध संघ में अनियमितताओं के विरोध में सचिवों-अध्यक्षों का प्रतिनिधिमंडल सक्रिय

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 एमडी को सौंपा ज्ञापन, समय पर भुगतान और बकाया अनुदान की मांग
हनुमानगढ़। श्रीगंगानगर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में व्याप्त अव्यवस्थाओं व देरी से हो रहे भुगतान के विरोध में बुधवार को एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल संघ के प्रबंध निदेशक (एमडी) से मिला। यह प्रतिनिधिमंडल सदस्य संचालक मंडल राजेश कुमार व दीपाराम मुंड के नेतृत्व में पहुंचा, जिसमें विभिन्न दुग्ध समितियों के लगभग 70 सचिव व अध्यक्ष शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल में चार एफटीपी (फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम) से जुड़े प्रमुख सदस्य शामिल रहे, जिनमें श्रीराम प्रताप (सलेमगढ़), कनीराम, इन्द्राज (रणजीतपुरा) और लक्ष्मी नारायण जाखड़ (कानसर) प्रमुख थे। इन सभी ने एक स्वर में दुग्ध संघ में बढ़ रही प्रशासनिक अनियमितताओं, भुगतान में देरी, और पारदर्शिता की कमी को लेकर नाराजगी जताई।
प्रतिनिधियों ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसान वर्ग को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, उन्होंने दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत ₹5 प्रति लीटर के बकाया अनुदान को जल्द दिलवाने की मांग की। यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से इसका लाभ प्रभावित हो रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने एमडी को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि संघ में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, भुगतान प्रक्रिया को नियमित किया जाए और किसानों का विश्वास बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रबंध निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि दुग्ध भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा और सम्बल योजना के तहत बकाया अनुदान की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू करवाई जाएगी।

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