200वें दिन भी जारी रहा धाणका समाज का धरना, गूंजे नारे

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– 28 फरवरी को अजमेर में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रखेंगे मांगें
हनुमानगढ़। अनुसूचित जनजाति श्रेणी के अंतर्गत धाणका समाज के जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष चल रहा धरना बुधवार को 200वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान नहीं होने से आक्रोशित समाज के लोगों ने धरना स्थल पर जोरदार नारेबाजी कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
धाणका जनजाति संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी इस आंदोलन में समाज के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि दो सौ दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र व्यक्तियों के जाति प्रमाण-पत्र पर लगातार आपत्तियां लगाई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थी छात्रवृत्ति, प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। वहीं कई युवा सरकारी नौकरियों के अवसर नहीं ले पा रहे हैं।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि शासन स्तर पर पूर्व में सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत किए जा चुके हैं, इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। यह स्थिति समाज के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार ज्ञापन देने और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
धरना स्थल पर आज हुई सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 28 फरवरी को अजमेर में आयोजित होने वाली माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सभा में धाणका समाज का प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा। वहां उनसे सीधे मुलाकात कर समाज की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग रखी जाएगी। समिति ने कहा कि अब आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वार्ड-वार्ड और ढाणी-ढाणी जाकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई समाज के सम्मान और अधिकारों की है, जिसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।

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