-बाल संत श्री भोले बाबा के श्रीमुख से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रवचन, भक्तों ने भाव-विभोर होकर किया श्रवण
हनुमानगढ़ टाउन स्थित श्री गौशाला परिसर में चल रहे श्रीरामकथा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वर्गीय श्री चंदूलाल सर्राफ की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती दुलारी देवी सर्राफ की पुण्य स्मृति में सर्राफ परिवार द्वारा आयोजित इस दिव्य कथा में प्रसिद्ध बाल संत श्री भोले बाबा ऋषिकेश वाले ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, और धर्म पालन के महत्व पर अपने मधुर वचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
श्री भोले बाबा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सदैव सत्य, कर्तव्य और आदर्शों का पालन कर मानवता को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि जीवन में सबसे बड़ा धर्म सत्य और सेवा है, जो व्यक्ति इन्हें अपनाता है, वह स्वयं भगवान के निकट हो जाता है। कथा स्थल पर भक्तों ने “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ वातावरण को पूर्णतया भक्तिमय बना दिया।
दूसरे दिन की कथा से पूर्व प्रातः 5 बजे नित्य प्रार्थना और 6 बजे प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दोपहर 1 बजे से कथा आरंभ हुई, जो सायं 5 बजे तक चली। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर संतवाणी का रसपान करते रहे। कथा स्थल कामधेनु सत्संग भवन को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और धार्मिक झंडों से सजाया गया था। मुख्य यजमान पंकज सर्राफ (पुत्र स्व. चंदूलाल सर्राफ, हाल निवासी चेन्नई) सहित सर्राफ परिवार के पिंकी सर्राफ, कृणा सर्राफ, योगिता सर्राफ, अजय सर्राफ, मुरारीलाल सर्राफ, रमन सर्राफ, संजय सर्राफ, लाल सर्राफ, रामा सर्राफ, राजेन्द्र बड़िया आदि सदस्य कथा आयोजन में सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम में श्री गौशाला समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल बंसल, उपाध्यक्ष भूषण जिंदल, कोषाध्यक्ष अशोक खुराना, सचिव रमेश जुनेजा, राकेश बंसल, संदीप सिंह विर्क, मांगीलाल, चंपाराम बंसल, रमेश कौशिक, लूणा राम, शिवभगवान, पवन राठी, संदीप अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी और नगरवासी उपस्थित रहे।
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