अटल स्मृति सम्मेलन में अटल जी को किया गया नमन

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– भाजपा जिला कार्यालय में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर हुआ आयोजन
हनुमानगढ़। भाजपा जिला कार्यालय में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत अटल स्मृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता भाजपा नेता आशीष पारीक, जिला महामंत्री प्रदीप ऐरी थे। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा नेता अमित चौधरी एवं जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी वर्ष के जिला संयोजक प्रशांत सिहाग ने की।
कार्यक्रम की शुरूवात अतिथियों ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता आशीष पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कालजयी पुरुष, अखंड भारत के शिल्पकार, प्रखर राजनेता, संवेदनशील पत्रकार और महान विचारक थे। उन्होंने कहा कि अटल जी ने भारत रत्न की गरिमा को अपने आचरण, विचार और व्यवहारिक राजनीति से सार्थक किया। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई और देश के मान-सम्मान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली। पारीक ने कहा कि अटल जी के कार्यकाल में संचार क्रांति, एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं, भारतीय रेल मार्गों का विस्तार, ओजस-तेजस जैसे रक्षा एवं अंतरिक्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हुई। साथ ही भारत को परमाणु शक्ति राष्ट्र के रूप में स्थापित कर उन्होंने देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी।
भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश में सड़कों और आधारभूत ढांचे का मजबूत तंत्र खड़ा किया। किसानों को सशक्त बनाने के लिए उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की सोच दूरदर्शी थी, जिसका लाभ आज का भारत उठा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कहा कि भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने का साहसिक निर्णय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लिया गया। यह निर्णय भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की संस्कृति को मजबूत किया।

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