गुरू जम्भेश्वर भगवान का 575वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया

169

पर्यावरण संरक्षण और संस्कारों के प्रति दिया गया संदेश
हनुमानगढ़। टाउन स्थित बिश्नोई धर्मशाला में गुरू जम्भेष्वर प्राणी हितकारी समिति के तत्वावधान में गुरू जम्भेश्वर भगवान का 575वां जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव कार्यक्रम के तहत शनिवार रात्रि को विशाल जागरण का आयोजन किया गया,जिसमे जाम्भाणी भजन मंडली जगदीश सीवर,वेदप्रकाश बगड़िया व सत्य नारायण बावरा ने अपनी प्रस्तुतिये फि, जिसमें स्थानीय नागरिकों के साथ दूरदराज से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि  भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू द्वारा गुरु जम्भेश्वर भगवान के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष श्रीमती राधा देवी पुनिया ने की जबकि अध्यक्ष प्रतिनिधि अश्विनी पूनिया ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। अतिथियों ने गुरु जम्भेश्वर के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि उन्होंने 29 नियमों में सम्पूर्ण जीवन का सार समझाया है। इन नियमों का पालन करने वाला व्यक्ति सदैव सफलता की ओर अग्रसर रहता है। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिकाधिक पौधे लगाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि बिश्नोई समाज ने सदैव प्रकृति और प्राणी हित में कार्य किया है। कार्यक्रम में समिति द्वारा अतिथियों का सम्मानित किया गया। डॉ. बी.एल. सहू ने संबोधित करते हुए बताया कि जंभाणी अकादमी द्वारा साहित्य प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर तीन वर्ग बनाए गए—पहला वर्ग कक्षा 5 से 8 तक और दूसरा कक्षा 9 से 12 तक व तृतीय ओपन ग्रुप के विद्यार्थियों का था। तीनो ग्रुप में तीन-तीन विद्यार्थियों को विजेता घोषित कर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालो को समिति की तरफ से स्मृति चिन्ह प्रदान किये व आई आई टी,नीट में चयनित,गत वर्ष राजकिय सेवा में नवनियुक्त प्रतिभागी व डॉक्टर सिद्धार्थ सपुत्र अनिल खीचड़ का एम्स होस्पिटल बठिंडा में नियुक्त होने पर विशेष सम्मान किया गया । इस मौके पर लखपत खीचड़ द्वारा हनुमानगढ़ जंक्शन में बिश्नोई धर्मशाला के निर्माण के लिये एक लाख रुपये देने की घोषणा की,इस पूर्व भी खीचड़ परिवार द्वारा टाउन धर्मशाला के लिए 1.25 लाख रुपये भेंट किये थे । यह प्रतियोगिता गुरु जंभेश्वर महाराज के इतिहास पर आधारित थी ताकि युवा पीढ़ी उनके सिद्धांतों से प्रेरणा ले सके। जागरण में बाहर से आए कलाकारों ने गुरु जम्भोजी महाराज के भजनों का गुणगान कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की स्वर लहरियों पर उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर कृष्ण लाल भादू, हंसराज सुथार, लखपत खीचड़, राजाराम भाम्भू, हरि सिंह गोदारा, मदन पूनिया, शंकर सिंगड़, इंद्र गोदारा, रंगलाल, राजेंद्र गोदारा, बुधराम सहारण, मोहनलाल पूनिया, लीलाधर धारणियां, विनोद पूनिया, मांगीराम सहारण सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आज सुबह 8 बजे हवन यज्ञ किया गया जिसमें समाज के प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया,हवन के पश्चात धर्मशाला परिसर में खेजड़ी के पौधे लगाए गए । प्रधान प्रतिनिधि अश्विनी बिश्नोई,सचिव श्रीभगवान गोदारा,कोषाध्यक्ष मुकेश सहारण ने इस अवसर पर कहा कि बिश्नोई समाज का पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण अद्वितीय है। इसका उदाहरण पूरी दुनिया ने कोरोना काल में देखा जब ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच बिश्नोई समाज द्वारा किए गए पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यों की महत्ता सामने आई। उन्होंने कहा कि सभी समाज के लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण कर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।