मनरेगा व निर्माण श्रमिक योजनाओं को लेकर मजदूरों में आक्रोश

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-19 जनवरी को जिला कलेक्टर कार्यालय पर महापड़ाव की चेतावनी
हनुमानगढ़। भवन निर्माण मिस्त्री मजदूर एकता यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक गांव जण्डावाली में संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों व ग्रामीण मजदूरों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए भवन निर्माण यूनियन के जिला अध्यक्ष कामरेड शेर सिंह शाक्य ने राज्य व केंद्र सरकार पर निर्माण श्रमिकों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निर्माण श्रमिक अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
कामरेड शेर सिंह शाक्य ने कहा कि भवन निर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत श्रमिकों को दी जाने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाएं वर्षों से बंद पड़ी हैं। शुभ लक्ष्मी योजना, जिसके तहत श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी जाती थी, लंबे समय से ठप है। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में ही करीब 6 लाख रुपये के प्रकरण स्वीकृत होकर लंबित पड़े हैं, लेकिन अब तक एक भी मजदूर को भुगतान नहीं किया गया। इसी प्रकार डेथ क्लेम के प्रकरण बकाया पड़े हैं, जिससे मृतक श्रमिकों के परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि निर्माण श्रमिकों को मकान निर्माण पर मिलने वाली सब्सिडी भी वर्षों से बंद है। छात्रवृत्ति योजना, मातृत्व लाभ योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे मजदूरों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा। यूनियन अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने निर्माण श्रमिकों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शाक्य ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के वर्षों से अर्जित अधिकारों को खत्म किया जा रहा है, जिससे मजदूर वर्ग में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मनरेगा का नाम बदलकर ‘बीवी जी राम जी’ कर दिया गया है और इसमें खर्च का अनुपात भी बदल दिया गया है। अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जिससे मजदूरों के 100 दिन रोजगार का सपना चकनाचूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार जीएसटी के माध्यम से राज्यों के अधिकांश कर अपने पास ले जा रही है, तो राज्य सरकार मनरेगा जैसे बड़े बजट की व्यवस्था कहां से करेगी। यह सीधे तौर पर मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। मनरेगा गरीब, पिछड़े और मेहनतकश लोगों के लिए जीवनदायिनी योजना रही है, जिसे किसी भी सूरत में खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 19 जनवरी को हनुमानगढ़ जिले के समस्त निर्माण श्रमिक, मनरेगा मजदूरों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर बड़ा महापड़ाव डालेंगे। इसके लिए 26 जनवरी की तैयारी भी शुरू की जाएगी। यूनियन के नेता जिले के प्रत्येक गांव में जाकर प्रचार-प्रसार करेंगे और आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

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