ओडिशा के 18 खिलाड़ियों से ये कैसा व्यवहार, ट्रेन में टॉयलेट के पास बैठकर करनी पड़ी यात्रा, जानें पूरा मामला

396

ओडिशा (Odisha) से उत्तर प्रदेश के बलिया में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे 18 नाबालिग पहलवानों के साथ हुई अमानवीय घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 12 से 17 वर्ष की उम्र के इन 10 लड़कों और 8 लड़कियों को 1,200 किलोमीटर से अधिक का सफर बिना पक्के टिकट, बिना किसी अभिभावक और कड़ाके की ठंड में ट्रेन के बदबूदार और खराब शौचालयों के पास बैठकर तय करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे ठंडी स्टील की फर्श पर ठिठुरते हुए, सामान से टिके, शौचालयों के पास बैठे हैं। यह सफर पुरी–नई दिल्ली एक्सप्रेस (18426) जैसी ट्रेनों से किया गया, जिसमें 18 में से केवल 4 बच्चों के पास रिज़र्व सीट थी, जबकि बाकी को जनरल डिब्बों में 24 घंटे से अधिक का सफर मजबूरी में करना पड़ा। दिसंबर की सर्द रातों में न तो कंबल था, न ठीक से बैठने की जगह, न भोजन और न ही कोई मेडिकल निगरानी।

वीडियो वायरल होने पर एक्शन में आया सिस्टम
इस घटना के सामने आते ही देशभर में आक्रोश फैल गया। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) की डॉक्टर प्रियंका मिश्रा ने कहा, “भविष्य के चैंपियनों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया गया है। यह तत्काल न्याय की मांग करता है।” कांग्रेस नेता नवज्योति पटनायक ने इसे “राष्ट्रीय शर्मिंदगी” करार दिया, जबकि भाजपा नेता सूर्यवंशी सूरज ने पूरे मामले की जांच की मांग की।

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

सरकार और खेल प्रशासन की सफाई
ओडिशा खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक ज्योति प्रसाद परिडा ने माना कि चूक हुई है। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए 2.5 लाख रुपये मंजूर किए गए थे, लेकिन “कोच सभी खिलाड़ियों के लिए कन्फर्म टिकट नहीं करवा सका।” राज्य के स्कूल और जनशिक्षा विभाग ने इसे कोच की लापरवाही बताया है। एक मंत्री ने 23 दिसंबर 2025 को सरकारी जांच का आश्वासन दिया है, हालांकि अब तक न कोई निलंबन हुआ है और न ठोस कार्रवाई सामने आई है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।