क्या है ChatGPT Atlas? लॉन्च होते ही Google को हुआ 150 बिलियन डॉलर का नुकसान, जानें सबकुछ

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब एक और बड़ा कदम उठाया गया है। OpenAI ने मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को अपना नया AI ब्राउज़र ChatGPT Atlas लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि यह ब्राउज़र इंटरनेट ब्राउज़िंग को पहले से कहीं ज़्यादा आसान, तेज़ और पर्सनलाइज्ड बना देगा। यह नया ब्राउज़र Google के AI Mode की तरह काम करता है, लेकिन इसका सबसे बड़ा आकर्षण है इसका ChatGPT इंटिग्रेशन और नया इंटरफेस, जो इसे बाकी AI ब्राउज़र्स से अलग बनाता है।

फिलहाल यह फीचर सिर्फ प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए है, लेकिन बेसिक ब्राउजर फ्री यूजर्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एटलस अभी macOS पर अवेलेबल है और जल्द ही इसके मोबाइल और विंडोज वर्जन भी आएंगे।

AI-पावर्ड वेब ब्राउजर ‘चैटजीपीटी एटलस’ के लॉन्च के बाद गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। जिससे गूगल की मार्केट वैल्यू एक ही दिन में 150 बिलियन डॉलर यानी 13.15 लाख करोड़ रुपए घट गई।

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क्या है ChatGPT Atlas
एटलस कोई साधारण ब्राउजर नहीं है। यह गूगल क्रोम की तरह ही क्रोमियम टेक्नोलॉजी पर बना है, लेकिन इसमें चैटजीपीटी को हर वेबपेज में इंटीग्रेट किया गया है। यानी आपको सवाल पूछने के लिए टैब स्विच करने या कॉपी-पेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी।

इसका सबसे खास फीचर है-एजेंट मोड, जिसमें AI आपके कर्सर और कीबोर्ड को कंट्रोल करके कठिन काम कर सकता है। जैसे- फ्लाइट बुक करना, प्रोडक्ट रिसर्च करना या डॉक्यूमेंट्स एडिट करना। आप इसे बस देख सकते हैं या फिर काम छोड़कर चले भी जा सकते हैं।

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ChatGPT Atlas में क्या है खास
OpenAI का ChatGPT Atlas सिर्फ वेबसाइट खोलने का टूल नहीं है, बल्कि यह यूजर्स की ज़रूरतों को समझकर स्मार्ट असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह कई तरह के काम कर सकता है

  • किसी वेब पेज, PDF या डॉक्यूमेंट का सारांश (Summary) तुरंत बता देता है।
  • किसी भी टॉपिक पर सवालों के जवाब देता है।
  • प्रोग्रामिंग में मदद करता है- कोड समझने या नया कोड लिखने में आसानी करता है।
  • इसके AI एजेंट फीचर से यह यूजर की तरफ़ से काम भी कर सकता है, जैसे रेस्टोरेंट बुक करना, ऑनलाइन शॉपिंग लिस्ट बनाना या ग्रोसरी ऑर्डर करना।

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गूगल पर क्यों पड़ा असर?
एटलस के लॉन्च का गूगल पर असर का कारण है कि गूगल की कमाई का बड़ा हिस्सा सर्च एडवरटाइजिंग से आता है। लेकिन एटलस जैसे AI-पावर्ड ब्राउजर्स और सर्च इंजन सीधे जवाब देकर गूगल के एडवरटाइजिंग-बेस्ड मॉडल को चुनौती दे रहे हैं। OpenAI के पास पहले से ही 800 मिलियन वीकली ChatGPT यूजर्स हैं, जो एटलस को आसानी से अपना सकते हैं।

चैटजीपीटी एटलस और गूगल क्रोम के बीच यह जंग टेक दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकती है। जहां OpenAI ब्राउजिंग को AI के जरिए आसान और तेज बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं गूगल अपने दबदबे को बचाने के लिए हर कदम उठा रहा है।

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