डिलीट फेसबुक के बाद भी क्या Whatsapp पर आपका डेटा सेफ है

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फेसबुक स्कैंडल में अब तक यह माना जा रहा था कि करीब 50 मिलियन यूजर्स का पर्सनल डेटा चोरी हुआ है, लेकिन हाल में फेसबुक ने कहा है कि दुनियाभर के लगभग 87 मिलियन यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल किया गया। इनमें 5.62 लाख से ज्यादा यूजर्स भारत के हैं। इस घटना के बाद दुनिया भर में #डिलीट फेसबुक कैंपेन ने जोर पकड़ा जिससे जुड़कर यूजर अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर रहे हैं।

यहां बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या ऐसा करके आप अपने डेटा की सेफ्टी सुनिश्चित कर सकते हैं? क्या वॉट्सएप और गूगल जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हमारा डेटा सुरक्षित है? अगर नहीं तो क्या इन्हें भी डिलीट करना होगा या अपने डेटा को सेफ रखने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं?

वाॅट्सएप भी सेफ नहीं है: वॉट्सएप दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप के तौर पर सामने आया है। अकेले भारत में इसके 20 करोड़ यूजर्स हैं। अपने करोड़ों यूजर्स की डेटा प्राइवेसी को मजबूती देने के लिहाज से कंपनी ने टू-स्टेप वैरिफिकेशन और आॅटोमैटिक एंड-टू-एंड एंक्रिप्शन जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन सभी उपायों के बावजूद वॉट्सएप में बग्स, हैक्स और ट्रोजन की रिपोर्ट्स इसकी सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े करती रही है।

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ग्रुप चैट से चोरी हो सकता है डेटा: सिलिकॉन वैली स्थित कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के फेलो विवेक वाधवा के अनुसार वॉट्सएप पर भी आपका डेटा खतरे में है क्योंकि यहां आपके फोन नंबर भी उपलब्ध होते हैं जिनसे ग्रुप मेंबर्स को पहचाना और लोकेट किया जा सकता है। दरअसल वॉट्सएप ग्रुप के ओरिजिनेटर अपने फोन से कॉन्टैक्ट एड करते हैं या ऐसे लिंक क्रिएट कर सकते हैं जिनकी मदद से ग्रुप में शामिल हुआ जा सकता है। ये ग्रुप्स वेब सर्च की मदद से तलाश किए जा सकते हैं। यूरोप के रिसर्चर्स ने यह साबित किया है कि टेक्नोलॉजी का जानकार महज एक पुराने स्मार्टफोन जिसमें स्क्रिप्ट्स रन की जा सकें और कुछ आॅफ द शेल्फ एप्लीकेशन्स की मदद से वॉट्सएप का डेटा हासिल कर सकते हैं।

बैकअप भी सेफ नहीं: लगभग हर वाॅट्सएप यूजर अपनी चैट का बैकअप सेव करता है। आईफोन में यह एप्पल के क्लाउड और एंड्रॉइड फोन में गूगल ड्राइव पर सेव होता है। आप अपने पर्सनल डिवाइस पर भी बैकअप सेव कर सकते हैं। याद रखें बैकअप चाहे वह चैट हो फोटो हो या कुछ और एंक्रिप्टेड नहीं होता। आपके डेली बैकअप की महज एक लेटेस्ट कॉपी की मदद से कोई भी आपके वॉट्सएप मैसेज तक पहुंच सकता है।

गूगल के पास भी है आपकी पर्सनल इंफॉर्मेशन: गूगल सर्च, क्रोम ब्राउजर, गूगल मैप, यूट्यूब, हिंदी कीबोर्ड आदि के इस्तेमाल के दौरान गूगल हमारी बहुत सी जानकारियां और सूचनाएं सेव कर लेता है। इसमें आपकी निजी जानकारी, सर्च हिस्ट्री, आपने किस मोबाइल, टैबलेट और कम्प्यूटर से गूगल पर लॉगिन किया है और क्रोम व एंड्राॅइड के लॉगिन पासवर्ड जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी गूगल के पास होती है। ऐसे में अपने डेटा को सेफ करने के लिए सेटिंग्स में कुछ बदलाव करें। डेटा की प्राइवेसी को पुख्ता करने और उसे मैनेज करने के लिए प्राइवेसी चेकअप टूल का इस्तेमाल करें। विजिट द एक्टिविटी पेज पर क्लिक करें और सभी आॅप्शन्स को आॅफ कर दें ताकि गूगल आपकी एक्टिविटीज पर नजर न रख पाए।

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