इस्लामाबाद: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के साथ लगभग सारे द्विपक्षीय संबंध तोड़ दिए और सारे व्यापारिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं। पाक इसकी शिकायत चीन, अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, रूस, यूएई सहित ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन लेकर गया। लेकिन सभी देशों से उसको मुंह की खानी पड़ी है। पाकिस्तान की अब हालात ऐसी हो गई है कि उसे अन्य देशों से समर्थन नहीं मिलने के साथ-साथ आर्थिक संकट भी हावी होता जा रहा है।
इमरान खान सरकार के जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का खामियाजा आज पाक के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट में है और उसने इस साल सऊदी अरब और चीन से दो अरब डॉलर का कर्ज लिया है। इसकी अर्थव्यवस्था 3.5 फीसद से कम की दर से बढ़ रही है। मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था 6.5-7.0 फीसद की दर से बढ़ रही है और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के आकार की लगभग नौ गुना है। अब पाकिस्तान अपनी बुरी दशा में पहुंच चुका इसके बावजूद पाक का रूख है कि जम्मू कश्मीर मसले पर बदलने को तैयार नहीं है।
बकरीद के मौके पर पाक विदेश मंत्री शाह महमूद पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ नमाज पढ़ी और बकरीद मनाई. इस अवसर पर उन्होंने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जिसमें उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘देखिए, आप जानते हैं कि दुनिया का उनके साथ अपने हित हैं। मैंने आपसे पहले ही इशारों इशारों में कह दिया कि वहां पर 1 अरब का बाजार है।
पाक अधिकृत कश्मीर में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हमें मूर्खों के स्वर्ग में नहीं रहना चाहिए। पाकिस्तानी और कश्मीरियों को यह जानना चाहिए कि कोई आपके लिए नहीं खड़ा है। आपको जद्दोजहद का आगाज करना होगा। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद ने कहा, ‘वैसे तो हम उम्माह और इस्लाम की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने वहां पर काफी निवेश कर रखा है और उनके अपने फायदे हैं।’
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