डोनाल्ड ट्रंप के Big Beautiful बिल से हिलेगा ग्लोबल मार्केट? भारत पर पड़ेंगे ये 3 असर

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अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा समर्थित टैक्स रिफॉर्म बिल (Big Beautiful bill) को गुरुवार को पारित कर दिया है। बिल के पक्ष में 218 जबकि विरोध में 214 वोट पड़े। इसे व्हाइट हाउस की बड़ी जीत माना जा रहा है। इसे ट्रम्प ने “बिग ब्यूटीफुल टैक्स कट बिल” (Big Beautiful Bill) कहा है। अब यह बिल अमेरिकी सीनेट में जाएगा।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रम्प शुक्रवार शाम 5 बजे अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) पर एक बड़े और शानदार समारोह में इस बिल पर साइन करेंगे। यह बिल दो दिन पहले ही अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में 50-51 के मामूली अंतर से पास हुआ था। उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बिल को लेकर निर्णायक वोट डाला था।

Big Beautiful क्या है?
यह बिल अमेरिकी टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव का प्रस्ताव करता है। इसमें आयकर दरों में कटौती, कॉर्पोरेट टैक्स में भारी कमी और टैक्स स्लैब को दोबारा डिज़ाइन करने की व्यवस्था की गई है। यह 1980 के दशक के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म माना जा रहा है।

Big Beautiful बिल की प्रमुख खासियतें

  1. कॉर्पोरेट टैक्स 35% से घटाकर 20% किया गया है।
  2. व्यक्तिगत टैक्स स्लैब में बदलाव किए गए हैं जिससे मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत मिलने की बात कही गई है।
  3. अमीर लोगों के लिए टैक्स कटौती का प्रावधान किया गया है।
  4. स्टेट टैक्स डिडक्शन पर सीमा तय की गई है जिससे उच्च टैक्स वाले राज्यों के नागरिक प्रभावित हो सकते हैं।
  5. बच्चों के लिए चाइल्ड टैक्स क्रेडिट को बढ़ाया गया है।
  6. डिडक्शन सिस्टम को सरल बनाया गया है।

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इससे किसे फायदा होगा?

  • कॉर्पोरेट सेक्टर को सबसे अधिक लाभ मिलेगा क्योंकि टैक्स दरों में भारी कटौती की गई है। इससे अमेरिकी कंपनियों की मुनाफाखोरी बढ़ सकती है।
  • उच्च आय वर्ग को टैक्स में राहत मिलेगी।
  • ट्रंप प्रशासन इसे अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम बता रहा है, जिससे निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इससे किसे नुकसान होगा?

  • मध्यम वर्ग और कम आय वाले लोग, जिन्हें दीर्घकाल में टैक्स कटौती का उतना लाभ नहीं मिलेगा जितना अमीर तबके को।
  • उच्च टैक्स वाले राज्यों के निवासी, जो अब पहले की तरह टैक्स डिडक्शन का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
  • बजट घाटा बढ़ने की आशंका है, जिससे भविष्य में सामाजिक योजनाओं पर कटौती का खतरा हो सकता है।

भारत और अन्य देशों पर Big Beautiful बिल से क्या असर होगा?

  • प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी: अमेरिका में कॉर्पोरेट टैक्स में भारी कमी के बाद भारत सहित अन्य देशों पर दबाव बढ़ेगा कि वे भी अपनी टैक्स नीतियों में सुधार करें ताकि विदेशी निवेश बना रहे।
  • अमेरिकी कंपनियों की री-लोकेशन: कुछ अमेरिकी कंपनियां, जो टैक्स बचाने के लिए विदेशों में काम कर रही थीं, अब अमेरिका लौट सकती हैं। इससे भारत जैसे देशों में रोजगार सृजन पर प्रभाव पड़ सकता है।
  • डॉलर स्ट्रॉन्ग हो सकता है: टैक्स रिफॉर्म से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बल मिलने की स्थिति में डॉलर मज़बूत हो सकता है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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क्या है Big Beautiful bill पर विशेषज्ञों की राय और आर्थिक विश्लेषण

1. अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर:
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह टैक्स कटौती अल्पकालिक रूप से निवेश और उपभोग को बढ़ा सकती है, लेकिन दीर्घकाल में इससे राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा है। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस टैक्स बिल से अगले 10 वर्षों में 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक घाटा हो सकता है।

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2. अमीर बनाम गरीब:
ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूशन और टैक्स पॉलिसी सेंटर जैसे थिंक टैंक इस बिल को असमानता बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं। उनके मुताबिक, सबसे अधिक लाभ उच्च आय वर्ग को मिलेगा, जबकि निचले और मध्यम वर्ग को बहुत सीमित राहत मिलेगी।

3. वैश्विक निवेश परिवेश पर असर:
ग्लोबल इनवेस्टमेंट एनालिस्ट्स का मानना है कि अमेरिका की यह आक्रामक टैक्स पॉलिसी वैश्विक टैक्स प्रतिस्पर्धा को तेज कर सकती है। इससे भारत, जर्मनी, जापान जैसे देशों को अपने टैक्स ढांचे पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है ताकि वे निवेशकों के लिए आकर्षक बने रहें।

4. भारत के लिए चुनौती:
भारत के नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के कुछ अधिकारियों का मानना है कि अगर अमेरिकी कंपनियां अमेरिका लौटती हैं, तो भारत जैसे देशों में BPO, मैन्युफैक्चरिंग और IT सेक्टर में निवेश घट सकता है। साथ ही, FDI पर दबाव आने की आशंका है।

5. डॉलर और बाजार:
टैक्स रिफॉर्म से अमेरिकी डॉलर मज़बूत हो सकता है, जिससे भारत सहित कई देशों की करेंसी कमजोर हो सकती है। इसका असर शेयर बाज़ारों और क्रूड आयल इम्पोर्ट पर भी पड़ेगा।

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