क्या ईरान ने दागी इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल, 555 की मौत, 740 घायल

440

मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने तेल अवीव में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय (Israel target Netanyahu) और इजराइली वायु सेना कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाया है। IRGC के मुताबिक, हमले के बाद नेतन्याहू की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

ईरान की ओर से कहा गया है कि इजराइली वायु सेना से जुड़े ठिकाने पर खैबर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस दावे के बाद इजराइली राजनीतिक और सैन्य हलकों में हलचल तेज हो गई है। वहीं, इजराइल ने प्रधानमंत्री कार्यालय पर मिसाइल हमले के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ और ईरान के दावे गलत हैं।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी सैन्य अधिकारियों को हथियार डाल देने चाहिए। ट्रंप ने साफ कहा कि जब तक तय सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरानी बलों ने सरेंडर नहीं किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते हमलों और तीखे बयानों के बीच स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है, और दुनिया की नजरें अब इस टकराव के अगले कदम पर टिकी हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान हमले का असली मास्टरमाइंड बना AI, ट्रंप की ‘टेक वॉर मशीन’ के टूल्स जानकर चौंक जाएंगे आप

खामेनेई की मौत के बाद भड़की जंग
यह ताजा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब क्षेत्र पहले से ही भारी तनाव में है। अमेरिकी-इजराइली अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए। इसके जवाब में तेहरान और उसके समर्थित गुटों ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद इजराइली शहरों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

ईरान-इज़राइल युद्ध को बढ़ाने में हिज़्बुल्लाह भी शामिल
हिज़्बुल्लाह, जो ईरान का सपोर्ट वाला मिलिटेंट ग्रुप है, ने एक साल लंबे चले युद्धविराम के टूटने के बाद सोमवार सुबह एक-दूसरे पर हमले किए। लेबनान की राजधानी बेरूत के बाहरी इलाकों में धमाके हुए, जबकि इज़राइल के मिलिट्री चीफ ऑफ़ स्टाफ़ ने लोगों से लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा। हिज़्बुल्लाह ने कहा कि उसके रॉकेट लॉन्च अयातुल्ला खामेनेई की मौत का बदला थे, जबकि इज़राइल ने हिज़्बुल्लाह से जुड़े ग्रुप पर हमला करके जवाब दिया।

ईरान का 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला
ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला किया है। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए है। जेट हवा में गोल-गोल घूमने के थोड़ी देर बाद जमीन से टकरा गए। हालांकि, इसमें किसी मौत की नहीं हुई है।

दूसरी ओर ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की है।

ईरान में 555 की मौत, 740 घायल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इनमें अब तक 555 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं।

28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके अलावा रविवार को 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।