पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि (Indus Waters) को स्थगित करने पर भारत को धमकी दी है। मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद में हुए एक कार्यक्रम में शरीफ ने कहा-दुश्मन (भारत) पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। आपने हमें पानी रोकने की धमकी दी।
अगर ऐसा करने की कोशिश की तो पाकिस्तान आपको ऐसा सबक सिखाएगा, जिसे जिंदगीभर नहीं भूलेंगे। पाकिस्तानी पीएम ने आगे कहा कि पानी पाकिस्तान की लाइफलाइन है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत देश के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इससे पहले, शहबाज शरीफ से पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत को युद्ध की धमकी दे चुके हैं। सोमवार को दिए एक बयान में बिलावल ने कहा था कि अगर भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित रखा तो पाकिस्तान के पास जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
#Pakistan के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने पर भारत को धमकी दी है। पिछले 48 घंटों में 3 पाकिस्तानी नेताओं ने भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए हैं। इनमें आर्मी चीफ आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो शामिल हैं। pic.twitter.com/9Pcfj734Ec
— Panchdoot (@Panchdoot1) August 13, 2025
ये भी पढ़ें: Indus Waters Treaty: भारत ने तय की पाकिस्तान की सजा, PM मोदी ने लिए ये 5 बड़े फैसले
आपको बता दें, सिंधु जल समझौते के निलंबन को लेकर पिछले 48 घंटों में 3 पाकिस्तानी नेताओं ने भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए हैं। इनमें आर्मी चीफ आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो शामिल हैं।
ये ही नहीं, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय डिप्लोमैट्स के घरों में गैस सप्लाई बंद कर दी है। इसके अलावा स्थानीय गैस सिलेंडर सप्लायर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे भारतीय राजनयिकों को सिलेंडर न बेचें।
व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें, ताकि ऐसी ज़रूरी खबरें आप तक तुरंत पहुंचें। [यहां क्लिक करें]

क्या है जल सिंधु समझौता?
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) 1960 में हस्ताक्षरित हुआ था, जिसका उद्देश्य सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी का न्यायसंगत वितरण और उपयोग सुनिश्चित करना है। इस समझौते के तहत पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलज) भारत के लिए और पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चेनाब) पाकिस्तान के लिए मुख्य रूप से आवंटित की गई हैं, हालांकि दोनों देशों को सीमित उपयोग का अधिकार भी है।
इसके संचालन और विवाद निवारण के लिए सिंधु नदी आयोग बनाया गया, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं और यदि विवाद उत्पन्न होता है तो इसे पहले आयोग में और फिर जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से हल किया जाता है। यह समझौता दोनों देशों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपसी तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
भारत ने इस समझौते को रद्द किया
भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के दूसरे दिन 24 अप्रैल को पाकिस्तान के साथ 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता रोक दिया था। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।






































