तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 (vijay thalapathy )के नतीजों से पहले आए शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को 80 से ज्यादा सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे चेन्नई के सियासी गलियारों में संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शुरुआती रुझानों में डीएमके तीसरे नंबर पर चल रही है। इस बीच चेन्नई में DMK हेडक्वार्टर में स्टालिन समर्थक रोता दिखा। चुनाव नतीजों को देखते हुए डीएमके के टेंट उखड़ने लगे हैं।
हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगातार इनकार, तीखे हमले और पहले की नाकाम बातचीत यह साफ करते हैं कि AIADMK और TVK के बीच कोई भी समझौता आसान नहीं होगा। तमिलनाडु के एक्टर विजय दोनों सीटों पर आगे चल रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री स्टालिन खुद की सीट पर पीछे चल रहे हैं। अभी तक का रुझान यह बता रहा है कि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा हो सकती है। एक्टर विजय तिरुचिरापल्ली और पेरम्बूर दोनों सीटों से आगे चल रहे हैं। वहीं सीएम स्टालिन कोलाथुर सीट से पीछे चल रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन भी अपनी सीट से पीछे चल रहे हैं।
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दरअसल, 2026 चुनाव से पहले ही AIADMK और विजय की पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं हुई थीं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 2025 के आखिर में AIADMK ने TVK से संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत की थी। लेकिन यह बातचीत ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी। इसकी बड़ी वजह TVK की सख्त शर्तें थीं गठबंधन की अगुवाई, विजय को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना और 234 में से करीब आधी सीटों की मांग।
AIADMK, जो राज्य में कई बार सरकार बना चुकी है, एक नई पार्टी को इतनी बड़ी भूमिका देने के लिए तैयार नहीं थी। नतीजतन बातचीत टूट गई। इसके बाद AIADMK फिर से बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA की ओर झुक गई, जबकि TVK ने सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।
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इसके बाद दोनों दलों के बीच दूरी और बढ़ती गई। TVK ने बार-बार AIADMK के साथ गठबंधन की खबरों को पूरी तरह खारिज किया और साफ कहा कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। वहीं विजय ने अपने प्रचार में DMK और बीजेपी दोनों पर खुलकर निशाना साधा और खुद को अलग विकल्प के तौर पर पेश किया।
दूसरी ओर, AIADMK ने भी यही रुख अपनाया। मार्च 2026 में पार्टी प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने सार्वजनिक तौर पर विजय के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार कर दिया और इसे मीडिया की अटकलें बताया। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई, जिसे राजनीतिक विश्लेषकों ने प्री-पोल गठबंधन की संभावनाओं के खत्म होने का संकेत माना।
अब तस्वीर साफ है कि चुनाव तीन कोनों में लड़ा गया DMK, AIADMK और TVK। लेकिन असली सवाल नतीजों के बाद का है। अगर विधानसभा में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता और TVK बड़ी संख्या में सीटें जीतती है, तो वही समीकरण बदल सकते हैं जिन्हें चुनाव से पहले नामुमकिन माना जा रहा था।

ऐसी स्थिति में AIADMK को विजय को एक मजबूत शक्ति के रूप में स्वीकार करना पड़ सकता है, जबकि TVK को भी अपने अब तक के सख्त रुख में बदलाव करना होगा। फिलहाल सबकी नजर नतीजों पर है, जो तय करेंगे कि तमिलनाडु की राजनीति में अगला बड़ा कदम क्या होगा।
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