माता पार्वती की तपस्या, शिव-पार्वती विवाह और शिव परिवार के अद्भुत सामंजस्य का कथा व्यास ने किया मनोहारी वर्णन
हनुमानगढ़ टाउन। पवित्र श्रावण (सावन) मास के अवसर पर हनुमानगढ़ टाउन इन दिनों पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। स्थानीय श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास, हनुमानगढ़ टाउन के पावन तत्वावधान में आयोजित भव्य श्री शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा के तीसरे दिन कथा व्यास गोपाल सुदामा ने भगवान शिव की महिमा, माता पार्वती की कठोर तपस्या और शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनोहारी वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए मनुष्य के जीवन में संयम, श्रद्धा, धैर्य और पूर्ण समर्पण का होना आवश्यक है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की और अपने अटूट संकल्प से यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा एवं समर्पण के आगे कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। कथा के दौरान तारकासुर वध, भगवान शिव की समाधि और कामदेव द्वारा शिव की तंद्रा भंग किए जाने का प्रसंग भी सुनाया गया। देवताओं की विनती पर कामदेव भगवान शिव की समाधि भंग करने का प्रयास करते हैं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का अत्यंत आनंदमयी एवं भक्तिभाव से ओत-प्रोत वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा में शिव परिवार के अद्भुत सामंजस्य का भी विशेष संदेश दिया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान शिव के परिवार में नंदी, सिंह, मूषक और मोर जैसे विपरीत स्वभाव वाले जीव भी प्रेम और सामंजस्य के साथ रहते हैं। यह शिव परिवार समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और सह-अस्तित्व का महत्वपूर्ण संदेश देता है। आयोजन समिति की ओर से श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास के अध्यक्ष प्रेम पारीक ने बताया कि यह ज्ञान गंगा 16 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक निरंतर प्रवाहित होगी। श्रद्धालु प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का रसपान कर सकेंगे। उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया। नौ दिवसीय इस महा-अनुष्ठान का विधिवत समापन 25 अगस्त 2026 को होगा। अंतिम दिन विशाल हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा तथा पूर्णाहुति के साथ श्री शिव महापुराण कथा का विश्राम होगा। आयोजन को सफल बनाने में अंजू शर्मा, धर्मपत्नी स्वर्गीय महावीर प्रसाद शर्मा, सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कथा के दौरान पूरा वातावरण भगवान शिव के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर दिखाई दे रहा है।
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