शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से गूंजा शिव महापुराण कथा पंडाल

52

चौथे दिन कथाव्यास गोपाल सुदामा जी ने सुनाई भगवान शिव की महिमा, माता पार्वती की तपस्या और आत्मज्ञान की कथा
हनुमानगढ़ टाउन। पवित्र श्रावण (सावन) मास के अवसर पर हनुमानगढ़ टाउन इन दिनों पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। स्थानीय श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास, हनुमानगढ़ टाउन के पावन तत्वावधान में आयोजित भव्य श्री शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव की कथा का श्रवण कर रहे हैं। 16 अगस्त 2026 से शुरू हुए इस संगीतमय एवं आध्यात्मिक आयोजन के चौथे दिन व्यासपीठ पर विराजमान प्रसिद्ध कथावाचक श्री गोपाल सुदामा जी ने श्रद्धालुओं को शिव-पार्वती विवाह, भगवान शिव की महिमा तथा आंतरिक ज्ञान के महत्व का विस्तारपूर्वक वर्णन सुनाया। कथा के दौरान कथाव्यास श्री गोपाल सुदामा जी ने माता पार्वती की कठिन तपस्या का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया और अपने संकल्प से कभी विचलित नहीं हुईं। उनकी अटूट श्रद्धा, भक्ति और तपस्या भगवान शिव के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि सच्ची भक्ति में धैर्य, विश्वास और समर्पण का विशेष महत्व होता है। चौथे दिन की कथा में भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद का भी सुंदर वर्णन किया गया। कथाव्यास ने परम तत्व, भक्ति, आत्मज्ञान और जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य को बाहरी सुखों के साथ-साथ अपने भीतर भी ज्ञान और शांति की खोज करनी चाहिए। भगवान शिव का स्वरूप त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मज्ञान का प्रतीक है। कथा स्थल पर शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई। झांकी के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा कथा पंडाल हर-हर महादेव और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया और शिव-पार्वती के विवाह प्रसंग के दौरान पुष्पवर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा के दौरान भजनों और संगीतमय प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं को खूब भाव-विभोर किया। सावन मास में आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।