हिमाचल प्रदेश (Himachal Weather) में मानसून की पहली बारिश ने तबाही मचा दी है। भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य के कई जिलों को प्रभावित किया है। अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लापता हैं। सैकड़ों सड़कें बंद हो चुकी हैं और बिजली व जल आपूर्ति की सुविधाएं भी बुरी तरह बाधित हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सोमवार शाम तक हिमाचल में 259 सड़कें बंद, 614 ट्रांसफार्मर ठप, और 130 जल योजनाएं प्रभावित पाई गई हैं। मंडी, कुल्लू, शिमला और कांगड़ा जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां लगातार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 10 जिलों – मंडी, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और ऊना – के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपात बैठक बुलाई है और प्रभावित जिलों में स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
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बादल फटने से 12 अधिक लोग लापता
मंडी जिले में एक ही दिन में चार स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे कई पुल बह गए और दर्जनों घर ध्वस्त हो गए। कुल्लू के सैंज घाटी में भी बादल फटने से भारी तबाही मची है। प्रशासन ने अब तक 12 से अधिक लोगों के लापता होने की पुष्टि की है।
मंडी,कुकलाह में दस मकान और पुल बाढ़ की चपेट में – 25 मेगावाट की पटिकारी जलविद्युत परियोजना पूरी तरह बहने की सूचना।#mandi #Kuklah #HimachalPradesh #HimachalWeather pic.twitter.com/nPwjFeriCC
— Gems of Himachal (@GemsHimachal) July 1, 2025
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि करसोग, धर्मपुर, मंडी सदर, नाचन और सराज क्षेत्रों में बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण जान-माल के नुकसान के समाचार अत्यंत पीड़ादायक तथा चिंताजनक हैं। इस दुखद घड़ी में, मैं प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही उन्हें आश्वस्त करता हूं कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सीएम ने कहा कि वह जिला प्रशासन के निरंतर संपर्क में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों तक त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने का अनुरोध किया है।
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