Odisha: बालासोर आत्मदाह मामला, जिंदगी की जंग हारी छात्रा, कॉलेज प्रशासन कटघरे में, जानें पूरा मामला?

बालासोर की घटना को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्ष सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर पाने पर सवाल खड़ा कर रहा है। सीएम मोहन चरण माझी के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

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ओडिशा के बालासोर (Balasore) जिले में फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा सौम्याश्री बीसी, जो पिछले दिनों कॉलेज परिसर में आत्मदाह के बाद गंभीर अवस्था में भर्ती थीं, अब इस दुनिया में नहीं रहीं। सोमवार रात 11:46 पर उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। छात्रा की मौत के बाद एम्स हॉस्पिटल परिसर में लोगों का आक्रोश देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस दौरान बीजू जनता दल (बीजेडी) कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

सीएम मोहन चरण माझी ने जताया दुःख
छात्रा की मौत पर सीएम मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि फकीर मोहन कॉलेज की छात्रा के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुःख हुआ है। विशेषज्ञ चिकत्सा दल के अथक प्रयासों के बावजूद, पीड़िता की जान नहीं बचाई जा सकी। मैं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और भगवान जगन्नाथ से उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्राथना करता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं मृतक छात्रा के परिवार को आश्वस्त करता हूं कि इस मामले में सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। इसके लिए मैंने व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार पूरी तरह परिवार के साथ खड़ी है। वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य बीजेपी के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने एक्स पर छात्रा के निधन पर शोक जताया।

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क्या है पूरा मामला
बालासोर के फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय की छात्रा सौम्याश्री बीसी ने कॉलेज के हेड ऑफ डिपार्टमेंट समीर रंजन साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह शिकायत जून के पहले हफ्ते में प्राचार्य दिलीप घोष को दी गई थी। कॉलेज की Internal Complaint Committee (ICC) ने शुरुआती जांच की, लेकिन ना आरोपी को निलंबित किया गया, ना पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। न ही कोई कानूनी FIR दर्ज की गई।

 

12 जुलाई को सौम्याश्री ने कॉलेज परिसर में खुद पर केरोसीन डालकर आत्मदाह कर लिया। बालासोर के बाद सौम्याश्री का एम्स भुवनेश्वर में इलाज चल रहा था, सोमवार देर रात मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, शरीर 95% से अधिक जल चुका था।

पीड़ित परिवार पर बनाया दवाब
पीड़ित माता-पिता ने कहा है कि मेरी बेटी ने प्रिंसिपल के कमरे से बाहर आने के कुछ ही मिनट बाद खुद को आग लगाई। प्रिंसिपल ने बेटी पर शिक्षक के खिलाफ शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया था। बालासोर की घटना को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्ष सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर पाने पर सवाल खड़ा कर रहा है। सीएम मोहन चरण माझी के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

क्या हुई अबतक कार्रवाई

1. आरोपी HOD समीर रंजन साहू पर FIR दर्ज हुई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सौम्याश्री ने अपनी लिखित शिकायत में उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने शुरुआत में इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब छात्रा ने आत्मदाह किया और मामला तूल पकड़ा, तब पुलिस ने IPC की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

2. कॉलेज प्राचार्य दिलीप घोष को निलंबित कर दिया गया है। उन पर पीड़िता की शिकायत को दबाने, कार्रवाई न करने और संस्थागत जवाबदेही से बचने के आरोप लगे हैं। जांच में सामने आया कि उन्होंने न तो पुलिस को सूचना दी, न ही Internal Complaint Committee को तटस्थ रूप से काम करने दिया।

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3. कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) पर भी सवाल खड़े हुए हैं। छात्र संगठनों और महिला अधिकार संगठनों की मांग पर समिति के कार्य और निष्क्रियता की जांच के लिए एक अलग टीम गठित की गई है। यदि इसमें मिलीभगत पाई गई तो आगे और निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई संभव है।

4. राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो यह जांच करेगी कि शिकायत मिलने के बावजूद आरोपी को क्यों बचाया गया और कॉलेज प्रशासन ने संस्थागत प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया।

इन शुरुआती कार्रवाइयों के बावजूद पीड़िता के परिवार और कई महिला अधिकार समूहों का मानना है कि यह “डैमेज कंट्रोल” का प्रयास है। वे आरोपी को सख्त सज़ा, कॉलेज प्रशासन पर आपराधिक लापरवाही की कार्रवाई और महिला सुरक्षा के लिए सिस्टमिक रिफॉर्म की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष हुआ बीजेपी पर हावी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा — “अगर सत्ता पक्ष की छात्रा खुद को आग लगा रही है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की कल्पना करिए।” BJP के डबल इंजन सरकार (राज्य में BJP-BJD गठबंधन) पर हमले शुरू हो गए हैं। विपक्ष इसे “संस्थागत हिंसा” कह रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।

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