प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाएंगे 7 साल बाद चीन, जानें क्या ट्रंप के टैरिफ का मिलेगा करार जवाब?

511

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त को जापान जाएंगे। इसके बाद 31 से 1 सितम्बर तक चीन (PM Modi visit China) के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी चीन में SCO की बैठक में शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी की दोनों यात्राओं को ट्रंप टैरिफ के लागू होने के बाद भारत की कूटनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

साल 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैन्य झड़प के बाद मोदी की पहली चीन यात्रा होगी। यानी लगभग 7 साल बाद, मोदी इससे पहले 2018 में वहां गए थे। प्रधानमंत्री के तौर पर पीएम मोदी का यह छठा चीन दौरा होगा।

पीएम मोदी की यह चीन यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब सारी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की टैरिफ नीतियों से जूझ रही है। ट्रम्प ने भारत पर रूसी तेल और हथियार खरीद की वजह से 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। भारत, चीन के बाद दुनिया में रूसी तेल का सबसे बड़ी खरीदार है। भारत हर दिन रूस से 17.8 लाख बैरल क्रूड ऑयल खरीदता है।

आखिरी बार, मोदी और जिनपिंग ने अक्टूबर 2024 में कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुलाकात भी की थी। 50 मिनट की बातचीत में पीएम मोदी ने कहा था कि ‘सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों की नींव बनी रहनी चाहिए।

बता दें, इससे पहले पिछले महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

ये भी पढ़ें: ‘नॉन-वेज दूध’ बना भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में रोड़ा, जानें क्यों डेयरी मार्केट इतना खास?

जयशंकर ने जल संसाधन डेटा शेयर करने, व्यापार प्रतिबंधों, LAC पर तनाव कम करने और आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने जैसे मुद्दे बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात ने मोदी की चीन यात्रा का रोडमैप तैयार किया था।

क्या ट्रंप के टैरिफ का मिलेगा करार जवाब
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने करीब एक महीने बाद 2 अप्रैल को भारत समेत 69 देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह 9 अप्रैल से लागू होने वाला था, लेकिन ट्रम्प ने तब इसे टाल दिया। अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कहा कि वे दुनियाभर के देशों को अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए 90 दिनों का वक्त दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें: उत्तरकाशी में 28 टूरिस्ट लापता, जानिए उत्तराखंड की वो 9 आपदाएं जिसमें बह गए पूरे गांव

31 जुलाई को समझौते की तारीख खत्म हो गई। इस दिन ट्रम्प ने 100 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाया। जिन देशों ने अमेरिका के साथ समझौता किया, उन पर 10 से 20% टैरिफ लगा और जिन देशों ने ऐसा नहीं किया, उन पर 25 से 50% का टैरिफ लगा। भारत पर 25% का टैरिफ लगा, क्योंकि उसने ट्रम्प की शर्तें नहीं मानीं।

व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें, ताकि ऐसी ज़रूरी खबरें आप तक तुरंत पहुंचें। [यहां क्लिक करें]

अमेरिका ने चीन पर कितना लगाया टैरिफ
अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर सबसे ज्यादा घमासान मचा। मई में अमेरिका ने चीन पर 145% तक टैरिफ लगाया। इसके बाद चीन ने अमेरिका पर 125% जवाबी टैरिफ लगाया। बाद में इसमें कमी आई। अभी अमेरिका ने चीन पर 30% वहीं, चीन ने अमेरिका पर 10% टैरिफ लगा रखा है।

ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।