Highway Infrastructure IPO: हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर ने पहले ही दिन बटोरी सुर्खियां, 4 गुना सब्सक्रिप्शन

मार्केट ऑब्जर्वर्स के मुताबिक, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में ₹41 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब हुआ कि यदि किसी निवेशक को ₹70 के ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर आवंटित होते हैं

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देश की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफर (highway infrastructure ipo) बुधवार को खुल गया। इश्यू 7 अगस्त तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। पहले ही दिन निवेशकों ने इस IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया और 10:48 बजे तक इसे कुल मिलाकर 4.08 गुना सब्सक्राइब कर लिया गया। रिटेल निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा रुचि दिखी और यह हिस्सा 5.58 गुना भर गया।

कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए कुल ₹130 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें से ₹97.52 करोड़ फ्रेश इश्यू और ₹32.48 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए लाया गया है। कंपनी ने IPO के लिए ₹65 से ₹70 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के IPO की लिस्टिंग भारत के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, BSE और NSE पर की जाएगी। कंपनी ने बताया है कि वह इस फंड का उपयोग अपनी निर्माण परियोजनाओं में विस्तार, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति और कुछ कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

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सब्सक्रिप्शन स्टेटस (पहले दिन सुबह 10:48 बजे तक)

  • कुल सब्सक्रिप्शन: 4.08 गुना
  • रिटेल कैटेगरी: 5.58 गुना
  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 3.67 गुना
  • इस आंकड़े से यह स्पष्ट है कि रिटेल निवेशकों का इस इश्यू में खासा भरोसा दिख रहा है।

ग्रे मार्केट में मिला मजबूत रिस्पॉन्स
मार्केट ऑब्जर्वर्स के मुताबिक, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में ₹41 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब हुआ कि यदि किसी निवेशक को ₹70 के ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर आवंटित होते हैं, तो ग्रे मार्केट वैल्यू ₹111 प्रति शेयर तक पहुंच सकती है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) एक गैर-आधिकारिक इंडिकेटर होता है, लेकिन इससे बाजार के सेंटीमेंट का अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है।

कौन है हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड?
हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एक उभरती हुई भारतीय कंपनी है जो सड़क निर्माण, हाईवे डिवेलपमेंट, एक्सप्रेसवे और टोल प्रोजेक्ट्स में कार्यरत है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने देश के कई राज्यों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया है।

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निवेशकों के लिए क्या है अहम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकार की बढ़ती प्राथमिकता और आगामी बड़े प्रोजेक्ट्स को देखते हुए इस कंपनी के शेयर लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। साथ ही, कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत है और ग्रोथ पोटेंशियल भी अच्छा नजर आ रहा है।

हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश जोखिम से अछूता नहीं होता। प्रोजेक्ट डिले, लागत बढ़ोतरी और सरकारी मंजूरी जैसे कारक इन कंपनियों की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकते हैं। निवेश से पहले कंपनी के DRHP (Draft Red Herring Prospectus) का अध्ययन करना उचित होगा।

Disclaimer: पंचदूत न्यूज अपने पाठकों को किसी निवेश की सलाह नहीं देता और न ही किसी विशेष स्टॉक, कंपनी या आईपीओ में निवेश की सिफारिश करता है। पाठकों को किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

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